नई दिल्‍ली: तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले में एक बोरवेल में 80 घंटों से अधिक समय तक गिरे दो साल के  बच्चे सुजीत विल्‍सन को  बचाया नहीं जा सका. से 88 फुट की गहरे बोर में फंसेे मासूम को बचाने की हरसंभव कोशिश की गई, लेकिन बचाया नहीं जा सका. उसका क्षत विक्षत शव ही मिल सका है. यह बच्चा बीते 25 अक्‍टूबर को शुक्रवार की शाम को साढ़े पांच बजे अपने घर के समीप खेलते समय बोरवेल में गिर गया था.

सुजीत को को बचाने के लिए तमिलनाडु समेत देश के कई हिस्‍सों में दुआएं और प्रार्थनाएं की गई थीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेताराहुल गांधी ने भी मासूम बच्‍चे की सलामती के लिए दुआएं की थीं. बच्‍चे के शव का अस्‍पताल मेंं शार्ट पीएम के बाद शव पर‍िजन को सौंप द‍िया गया है.

तिरुचिरापल्ली से करीब 40 किलोमीटर दूर नादुकट्टुनपट्टी गांव में हुए हादसे में यह बच्‍चा 88 फुट की गहरे बोर में शुरुआत में 26 की गहराई पर फंसा था, लेकिन रस्सियों से बांधकर उसे बाहर निकालने की कोशिशों के दौरान वह 70 फीट नीचे तक चला गया था.

बचावकर्ता बच्चे को बाहर निकालने के लिए एक उचित गहराई तक पहुंचने के लिए रविवार से एक और बोरवेल खोदने में जुटे हुए
हैं और अब खुदाई के काम को तेज करने के लिए जर्मनी की मशीन को काम में लगाया गया था. बता दें कि शुरुआत में क्लैम्पिंग (जोर से पकड़ना) तकनीक का इस्तेमाल कर बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन यह सफल नहीं हुई थी. इसके बाद बोरवेल के साथ ही रविवार से एक अन्य गड्ढा खोदा जा रहा था. बचाव अभियान को तेज करने के लिए लार्सन एंड टर्बो निर्मित ड्रिलिंग मशीन को काम में लगाया गया था.

पीएम ने की थी सलामती के लिए प्रार्थना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा था कि वह तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में शुक्रवार से बोरवेल में फंसे हुए तीन वर्षीय सुजीत की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बच्चे को बचाने का हरंसभव प्रयास चल रहा है. मोदी ने कहा कि उन्होंने बचाव प्रयासों के बारे में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई के पलानीस्वामी से बात की है. प्रधानमंत्री ने टि्वटर पर कहा, ‘‘मेरी दुआएं नन्हे बहादुर सुजीत विल्सन के साथ हैं. सुजीत को बचाने के लिए चल रही कोशिशों के संबंध में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से बात की है. यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं कि वह सुरक्षित रहे.’’