देश और दुनिया में नारी शक्ति का प्रतीक नवरात्रि का पर्व पूरे उत्साह से मनाया जा रहा है. इस बीच महाराष्ट्र के पुणे में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसमें एक नारी का घोर अपमान किया गया है. दरअसल, कुछ समय पहले यहां की एक महिला ने शादी से पहले कौमार्य परीक्षण (virginity test) कराने का विरोध किया था. इस कारण समुदाय से उक्त महिला को बाहर कर दिया गया था. लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी समुदाय के अपने अड़ियन रुख पर आज भी कायम हैं. तभी तो यहां आयोजित एक डांडिया समारोह में उसके प्रवेश पर रोक लगा दी. उक्त महिला ने अब महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूल समिति (MANS) की सहायता से आठ लोगों के खिलाफ पिम्प्री थाने में शिकायत दर्ज करवाई है.

उक्त महिला कंजारभाट समुदाय से तालुक्क रखती है. महिला ने सदियों से चली आ रही कौमार्य परीक्षण की परंपरा का विरोध किया था. उस वक्त महिला के पति ने उनका साथ दिया था. इस कारण समुदाय ने दंपति का बहिष्कार कर दिया. समुदाय के लोगों ने उन पर सदियों पुरानी अपनी परंपरा को तोड़ने का आरोप लगाया. इसी साल पुलिस की मौजूदगी में इन दोनों ने शादी की थी. उसके बाद यह मामला ठंडा पड़ने लगा. दंपति समान्य जिंदगी जीने लगा. महिला को भी लगने लगा कि उसके प्रति समुदाय का विरोध अब ठंडा पड़ गया है. इसी सोच में महिला ने सोमवार को डांडिया उत्सव में शरीक होने की कोशिश की, लेकिन समिति के लोगों ने उसका फिर से विरोध किया और उसे उत्सव से बाहर कर दिया.

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हमारे सहयोगी अखबार डीएनए से बातचीत में महिला ने कहा कि डांडिया उत्सव समान्य तरीके से चल रहा था. शुरुआत में सब कुछ ठीक था और वह करीब 20 मिनट से डांस कर रही थी, लेकिन तभी आयोजक आए और उन्होंने म्यूजिक बंद कर दिया. इसके बाद महिला की मां उनके पास आई और उसे घर चलने को कहा. उन्होंने बताया कि उनकी मौजूदगी से आयोजक नाराज हैं. हालांकि महिला अपनी तर्कों पर अड़ी रही. इसके बाद आयोजकों ने कहा कि आयोजन रद्द कर दिया गया है. महिला ने कहा कि उन्होंने (आयोजकों) कहा कि अब केवल लड़के ही उत्सव में भाग ले सकते हैं. इसके बाद वह बेमन से घर चली गईं. जैसे ही वह घर लौटीं, फिर से उत्सव शुरू हो गया.

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MANS की सदस्य नंदिनी जाधव ने इस घटना की निंदा की है. उन्होंने कहा कि वे लोग मां दुर्गा का पर्व मना रहे हैं लेकिन वे एक महिला को सम्मान देना नहीं चाहते, जो बिल्कुल गलत नहीं है. इससे लोगों के दोगलेपन का पता चलता है. उन्होंने कहा कि जब तक ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ा कदम नहीं उठाया जाएगा तब तक ऐसी चीजें नहीं रुकेगी.