नई दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की ओर से आधार डेटा की सुरक्षा को लेकर लगातार दिए जा रहे आश्वासन पर फिर से सवाल खड़े होने लगे हैं. दरअसल, अंग्रेजी अखबार ‘द ट्रिब्यून’ में छपी एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आधार डेटा पाने के लिए आपको बस पेटीएम के जरिए 500 रुपये देना होगा और 10 मिनट के अंदर आपको सारी जानकारी मिल जाएगी.Also Read - EPFO Alert: PF खाताधारक 30 नवंबर तक पूरा कर लें यह काम, नहीं तो अटक जाएगी रकम; फटाफट चेक करें डिटेल्स

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अखबार ने अपनी तहकीकात के बाद बताया कि उन्होंने एक व्हाट्सएप ग्रुप से मात्र 500 रुपये में ये सर्विस खरीदी और करीब 100 करोड़ आधार कार्ड का एक्सेस मिल गया. पैसे के बदले एजेंट ने एक गेटवे और लॉग-इन पासवर्ड दिया. इसके जरिए कोई भी सिर्फ आधार कार्ड का नंबर डालकर किसी भी शख्स के बारे निजी जानकारी आसानी से हासिल कर सकता है.

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यह रैकेट लोगों के नाम, पता, पिन कोड, फोटो, फोन नंबर, ईमेल आईडी जैसी निजी जानकारियां लीक कर रहा है. अखबार ने ये भी बताया कि 300 रुपये में इस रैकेट के लोग आपको एक ऐसा सॉफ्टवेयर मुहैया कराएंगे, जिसके जरिए आप आधार का प्रिंट भी निकाल सकते हैं.

रिपोर्ट में बताया गया है कि यह व्हाट्सएप ग्रुप करीब छह महीने से काम कर रहा है. इस बारे में जानकारी दिए जाने के बाद यूआईडीएआई ने संज्ञान लेते हुए इस मामले को बेंगलुरु में टेक्निक्ल टीम को इससे अवगत कराया.

बहरहाल, यूआईडीएआई ने अखबार के इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे गलत रिपोर्टिंग का मामला बताया है. यूआईडीएआई ने आश्वस्त किया है कि किसी प्रकार को कोई आधार डेटा लीक नहीं हुआ है. आधार डेटा पूरी तरह सुरक्षित है.