
Gaurav Barar
गौरव बरार (Gaurav Barar) एक अनुभवी पत्रकार और कंटेंट विशेषज्ञ हैं जिनके पास 10 साल से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में, इंडिया.कॉम में बतौर चीफ सब एडिटर अपनी सेवाएं ... और पढ़ें
Aaj Ka Mausam 15 January: जनवरी 2026 की सर्दी इस समय अपने सबसे क्रूर रूप में है. उत्तर भारत में रहने वाले करोड़ों लोगों के लिए 15 जनवरी की सुबह किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं रही. हाड़ कंपा देने वाली ठंड, भीषण शीतलहर और शून्य दृश्यता वाले घने कोहरे ने जनजीवन की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है.
दिल्ली-NCR से लेकर बिहार और राजस्थान तक, समूचा उत्तर भारत इस समय एक सफेद चादर में लिपटा हुआ है. आज यानी 15 जनवरी को दृश्यता का स्तर कई स्थानों पर 0 से 50 मीटर के बीच रहा. इसका सबसे गंभीर असर परिवहन सेवाओं पर पड़ा है.
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित उत्तर भारत के अन्य एयरपोर्ट्स पर दर्जनों उड़ानें प्रभावित हुईं. कोहरे के कारण लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 5 से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं. नेशनल हाईवे पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं और कई जगह दुर्घटनाओं की खबरें भी सामने आईं.
देश की राजधानी में न्यूनतम तापमान 4°C तक गिर गया है. मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 16 जनवरी तक आइसोलेटेड पॉकेट्स में शीतलहर जारी रहेगी. हालांकि, 17 जनवरी से तापमान में 3 से 5 डिग्री की मामूली बढ़ोतरी की संभावना है, लेकिन यह राहत अस्थायी होगी क्योंकि 18-19 जनवरी को गरज के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है, जिससे नमी और ठिठुरन फिर से बढ़ जाएगी.
उत्तर प्रदेश और बिहार इस समय कोल्ड डे की स्थिति का सामना कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री के आसपास बना हुआ है. पश्चिमी यूपी में कोहरा इतना घना है कि दिन में भी हेडलाइट्स का सहारा लेना पड़ रहा है.
बिहार के पटना और गया में पारा 6 से 9 डिग्री के बीच है. मैदानी इलाकों में चल रही पछुआ हवाओं ने गलन बढ़ा दी है. राजस्थान के कई हिस्सों में पाला गिरने की संभावना जताई गई है, जो फसलों के लिए भी चिंता का विषय है.
IMD और स्काइमेट के विशेषज्ञों के अनुसार, 16 जनवरी से एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर भारत में प्रवेश करेगा. इसके दो मुख्य प्रभाव होंगे. हिमाचल और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी होगी. पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होगी.
बारिश के बाद तापमान में तो थोड़ी वृद्धि होगी, लेकिन वातावरण में नमी बढ़ने के कारण कोहरा और अधिक घना हो सकता है, जिससे सुबह और शाम की परेशानी बरकरार रहेगी. जहां दक्षिण भारत (तमिलनाडु, केरल) में मौसम सुखद और सामान्य बना हुआ है, वहीं उत्तर भारत अभी कम से कम एक सप्ताह तक इस मौसमी उथल-पुथल की चपेट में रहेगा.
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