कृषि कानूनों (Agriculture Law) के खिलाफ प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा. अब पंजाब में विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने अमरिंदर सिंह सरकार द्वारा विधेयक का मसौदा साझा नहीं करने को लेकर विधानसभा में धरना दिया और विधानसभा परिसर में रात बिताई. AAP विधायकों ने कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार से मांग की थी कि मंगलवार यानी आज केंद्र के कृषि कानून के खिलाफ विधानसभा में पेश होने वाले प्रस्तावित बिल की प्रतियां पहले उन्हें दी जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ जिसके बाद उनलोगों ने वहां धरना दे दिया. तस्वीरों में विधायकों को विधानसभा परिसर में सोफे और जमीन पर लेटे और बैठे देखा जा सकता है. Also Read - किसानों को लेकर दो सीएम भिड़े: अमरिंदर सिंह ने कहा- किसानों को रोकना असंवैधानिक, मनोहर खट्टर बोले- ... तो मैं छोड़ दूंगा राजनीति

इससे पहले सोमवार को विपक्षी पार्टियों ने पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के पहले कृषि कानूनों के विरोध में विधेयक पटल पर नहीं रखने को लेकर राज्य सरकार की सोमवार को आलोचना की. इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई थी. इससे पहले, पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि वे मुद्दे पर संविधान विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा कर रहे हैं और सत्र के दौरान पटल पर रखे जाने वाले विभिन्न विधेयकों की प्रतियां विपक्षी पार्टी के सदस्यों को शाम तक मुहैया करा दी जाएंगी.

बाद में नेता विपक्ष एवं ‘आप’ नेता हरपाल चीमा ने देर रात कहा, ‘हम यहां रातभर बैठेंगे और प्रदर्शन जारी रखेंगे, क्योंकि हमें सत्र के दौरान पेश होने वाले इस विधेयक और अन्य विधेयकों को प्रतियां अब तक नहीं मिली हैं.’ इससे पहले, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विधानसभा के अधिकारियों ने ‘आप’ नेताओं को प्रदर्शन बंद करने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे.

बता दें कि चार साल पहले सत्तारूढ़ शिअद-भाजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की मांग को लेकर उस समय विपक्ष में रही कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा में रात बिताई थी. इस बीच, राज्य विधानसभा में शिअद ने कहा कि केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ विधेयक सोमवार को ही पेश किया जाना चाहिए था. पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष राणा के पी सिंह से शाम को मुलाकात की और विधेयकों की प्रतियां नहीं मिलने पर आपत्ति जताई. शिअद नेताओं ने इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया.

इससे पहले, विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र शोक प्रस्ताव पेश करने के साथ शुरू हुआ और कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि देने में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सदन की अगुवाई की. कांग्रेस के विधायक नवजोत सिंह सिद्धू ने पिछले साल कैबिनेट से इस्तीफा देने के बाद पहली बार विधानसभा के सत्र में हिस्सा लिया. शिअद विधायक कृषि कानूनों के विरोध में ट्रैक्टरों पर चढ़कर विधानसभा पहुंचे. उन्होंने केंद्र सरकार के कानून की प्रतियों को फाड़ दिया.

(इनपुट: ANI,भाषा)