चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी (आप) के बागी नेताओं और अन्य ने मिलकर रविवार को पंजाब में एक नया राजनीतिक मोर्चा बनाया. इस मोर्चे का नाम पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस (PDA) रखा गया है. पीडीए को यहां से करीब 75 किलोमीटर दूर पटियाला में एक रैली में आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया. पटियाला के सांसद धर्मवीर गांधी, विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष और विधायक सुखपाल सिंह खैरा, लोक इंसाफ पार्टी (एलआईपी) के विधायक बलविंदर सिंह बैंस व सिमरजीत सिंह बैंस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राज्य इकाई के अध्यक्ष रशपाल राजू इस मौके पर मौजूद थे. खैरा ने कहा कि समान विचारधारा वाले नेताओं के नए राजनीतिक गठबंधन का मकसद पंजाब में भ्रष्ट राजनीति की सफाई है. खैरा और गांधी के अलावा आम आदमी पार्टी के कुछ बागी विधायकों ने भी नवगठित गठबंधन को अपना समर्थन दिया.

सुखपाल सिंह खैरा ने नई पार्टी की शुरुआत के मौके पर अपने संबोधन में कहा, “लोगों को लूटकर अपना पेट भरने वाले इन भ्रष्ट दलों और नेताओं के कृत्यों ने पंजाब जैसे गौरवशाली राज्य को बर्बाद कर दिया है. पंजाब को 2.5 लाख करोड़ रुपए के भारी कर्ज का सामना करना पड़ रहा है, किसान व मजदूर आत्महत्या कर रहे हैं, लाखों बेरोजगार युवा नशे की चपेट में हैं, क्योंकि वे निराश और हताश हैं.” समर्थकों को संबोधित करते हुए खैरा ने कहा कि इस गठबंधन का मुख्य लक्ष्य पंजाब को परंपरागत राजनीतिक दलों से आजाद कराना होगा. जनसभा को संबोधित करते हुए धर्मवीर गांधी ने समग्र केंद्रीकरण के माध्यम से पंजाब सहित राज्यों के अधिकारों के हनन के लिए केंद्र सरकार की निंदा की. गांधी को 2015 में आप से निष्कासित कर दिया गया था. उन्होंने कहा कि पीडीए का मकसद संघीय भारत और लोकतांत्रिक पंजाब के लिए प्रयास करना होगा.

अन्य नेताओं ने भाजपा नीत केंद्र सरकार और पंजाब में कांग्रेस सरकार की चुनाव से पहले किए गए वादों को पूरा करने में विफल रहने के लिए आलोचना की. एलआईपी शुरुआत में आप की गठबंधन साझेदार थी. पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस (पीडीए) ने घोषणा की है कि गठबंधन अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में उतरेगा. गठबंधन कांग्रेस, शिअद और भाजपा से बराबर दूरी रखने वाले समान विचार वाले दलों और नेताओं का स्वागत करेगा. लोक इंसाफ पार्टी (लोइपा) विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने खैरा के शब्दों को दुहराते हुए कहा कि गठबंधन पंजाब की भ्रष्ट राजनीति को साफ करेगा.’ खैरा एक हफ्ते से ‘इंसाफ’ मार्च निकाल रहे थे जिसका रविवार को समापन था. इसकी शुरूआत तलवंडी साबो से की गई थी. इसका मकसद 2015 में गुरूग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले में न्यायक की मांग करना था.

(इनपुट – एजेंसियां)