नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुप्तचर ब्यूरो के एक कर्मचारी की हत्या में शामिल रहने का आरोप लगने के बाद दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने अपने पार्षद ताहिर हुसैन को पुलिस जांच पूरा होने तक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ने निलंबित कर दिया है. आप सूत्रों ने इसकी जानकारी दी. Also Read - 10 लाख लोगों को मुफ्त भोजन कराएगी दिल्ली सरकार, बुधवार से नियम लागू

गुप्तचर ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा दिल्ली के दंगा प्रभावित चांद बाग इलाके में एक नाले में बुधवार को मृत पाये गये थे, जहां वह रहते थे. आरोपों के बाद पुलिस ने हुसैन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है. सूत्रों ने बताया कि हुसैन को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से पुलिस जांच पूरा होने तक निलंबित कर दिया गया है. उधर, आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार को स्पष्ट रूप से कहा कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में जिसने भी सांप्रदायिक हिंसा भड़काई, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर उनकी पार्टी का कोई नेता दंगों में संलिप्त है तो उसे दोगुनी सजा दी जाए. Also Read - केजरीवाल ने लोगों को गीता पाठ करने की दी सलाह, कहा- गीता के 18 अध्याय की तरह लॉकडाउन के बचे हैं 18 दिन 

जिसने भी सांप्रदायिक हिंसा फैलाई, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए: आप
दिल्ली के चांद बाग इलाके में हिंसा में आप पार्षद ताहिर हुसैन पर हिंसा भड़काने के आरोपों पर केजरीवाल ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश की सुरक्षा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और दंगाइयों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि किसी भी दंगाई को छोड़ा नहीं जाना चाहिए, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो. अगर कोई आप का कोई सदस्य दोषी पाया जाता है तो उसे दोगुनी सजा दी जाए. उन्होंने कहा कि पुलिस मेरे अधीन नहीं है. अगर पुलिस मेरे पास होती तो हम हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते. खुफिया ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आप पार्षद ताहिर हुसैन पर आरोप लगे हैं और शर्मा के पिता की शिकायत पर हुसैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. शर्मा (26) उत्तर पूर्वी दिल्ली के दंगाग्रस्त चांदबाग इलाके में अपने घर के पास नाले में मृत पाए गए थे. इससे पहले आज दिन में आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और गोपाल राय ने कहा कि हिंसा पर पार्टी का रुख स्पष्ट है कि इसे फैलाने से जुड़े किसी भी व्यक्ति को सख्त सजा दी जानी चाहिए. Also Read - दिल्ली सरकार को सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने की मिलीं 7 हजार शिकायतें, हो सकती है कार्रवाई