नई दिल्ली: कई अन्य विपक्षी पार्टियों की ही तरह आम आदमी पार्टी भी संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करेगी. आम आदमी पार्टी ने केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में यह बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. आम आदमी पार्टी के मुताबिक वह पहले दिन से तीनों कृषि कानूनों का विरोध करती आयी है. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा, “उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए महामारी के दौरान चोरी छिपे इन तीन काले कानूनों को ऑर्डिनेंस के जरिए लाया गया. केंद्र सरकार की ओर से पूरे देश की किसानी और खेती को दो-चार उद्योगपतियों को बेच दिया गया है. हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं.”Also Read - शादी के कार्ड पर किसान आंदोलन की झलक, दूल्हे ने लिखवाया- जंग अभी जारी है, MSP की बारी है

राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि, “हम लोग तीन कृषि कानूनों का विरोध करते रहे हैं और करते रहेंगे. इसलिए आम आदमी पार्टी महामहिम राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करेगी. हमारे लोकसभा के सांसद भगवंत मान और राज्य सभा के हम तीन सांसद शुक्रवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे.” Also Read - Punjab विधानसभा चुनाव पर Zee Opinion Poll की खास बातें, किस पार्टी को कितनी सीटें? कौन सबसे पसंदीदा सीएम, जानें सबकुछ

संजय सिंह के मुताबिक, “आम आदमी पार्टी पहले दिन से ही इन कानूनों का विरोध करती आई है. चाहे संसद में सबसे ज्यादा विरोध दर्ज कराना हो, गांधी प्रतिमा के नीचे सांसदों द्वारा रात गुजारना हो, सीएम अरविंद केजरीवाल की ओर से विधानसभा में इन कानूनों की प्रति को फाड़ना हो और सेवादार की तरह सिंघु बॉर्डर पर खड़े होकर देश के किसान की सेवा करनी हो, हर तरह से किसानों के साथ खड़े रहे हैं.” Also Read - Zee Opinion Poll 2022: पंजाब में त्रिशंकु विधानसभा के आसार! AAP हो सकती है सबसे बड़ी पार्टी, SAD को बड़ा फायदा

उन्होंने कहा कि हम देश के किसानों के साथ लगातार खड़े हैं. इसी श्रृंखला में सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पार्टी ने निर्णय लिया है कि संसद में कल महामहिम राष्ट्रपति के अभिभाषण का आम आदमी पार्टी बहिष्कार करेगी. आम आदमी पार्टी के सभी राज्य सभा एवं लोक सभा के सांसद बहिष्कार करेंगे.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी किसान आंदोलन को पूरा समर्थन देने की बात कही है. उन्होंने कहा, “किसान आंदोलन जारी रहेगा और हम इस आंदोलन को अपना पूरा समर्थन देंगे.”

केजरीवाल ने कहा, “आज देश का किसान बहुत दुखी है. 70 साल से सभी राजनीतिक पार्टियों ने किसानों को धोखा दिया है. अब ये जो 3 बिल आए हैं, ये तीनों बिल किसानों से खेती छीन कर चंद पूंजीपतियों को सौंप देंगे. जिस देश का किसान दुखी है, वो देश खुश नहीं हो सकता. किसानों का साथ देने जाओ तो गैर राजनीतिक व्यक्ति बनकर जाना.”