नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट पेश किया है. मोदी सरकार ने इसे आम लोगों का और विकास का बजट करार दिया है. वहीं, कांग्रेस ने इस बजट को नई बोतल में पुरानी शराब की तरह बताया है. लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि बजट में कुछ भी नया नहीं है.

महिलाओं, छात्रों से लेकर व्यापारियों तक के लिए… जानें मोदी सरकार के आम बजट की 20 अहम बातें

कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने कहा कि 2019 के इस आम बजट में पुराने वादों को ही दोहराया गया है. इसमें कुछ भी नया नहीं है. मोदी सरकार न्यू इंडिया की बात करती है, लेकिन ये बजट नई बोतल में पुरानी शराब की तरह है. इस बजट में युवाओं के रोजगार के लिए कुछ नहीं है. कोई नया कदम नहीं उठाया गया है.

निर्मला सीतारमण ने शायरी से की बजट भाषण की शुरुआत, कहा- यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है…

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया. सरकार ने इस बजट को बदलाव और विकास का बजट कहा है. बजट में महिलाओं, छात्रों, खेल, व्यापारियों, कर, पेट्रोल डीज़ल को लेकर कई अहम एलान किए गए हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना पहला आम बजट पेश करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 में भारत की अर्थव्यवस्था 3,000 अरब डॉलर की होगी.

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इससे पहले निर्मला सीतारमण ने इस बजट को पेश करने का तरीका अलग बनाते हुए ब्रीफकेस की बजाय बहीखाता की तरह लेकर पहुंची. वित्त मंत्री सीतारमण ने बजट भाषण की शुरुआत भी ख़ास तरीके से की. वित्त मंत्री ने इसकी शुरूआत शायरी से करते हुए ‘यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट लेकर भी चिराग जलता है.’ ये शेर मशहूर शायर मंजूर हाशमी का है. इस शायरी में उन्होंने उम्मीद और विकास की कोशिशों को और तेज करने की ओर इशारा किया. उन्होंने संसद में अपने पहले बजट भाषण में ‘सशक्त राष्ट्र, सशक्त नागरिक’ के सिद्धांत पर जोर दिया.