नई दिल्ली: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट आज पेश किया जा रहा है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज बजट पेश कर रही हैं. निर्मला सीतारमण ने इस बजट को पेश करने का तरीका अलग बनाते हुए ब्रीफकेस की बजाय बहीखाता की तरह लेकर पहुंची. वित्त मंत्री सीतारमण ने बजट भाषण की शुरुआत भी ख़ास तरीके से की. वित्त मंत्री ने इसकी शुरूआत शायरी से करते हुए ‘यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट लेकर भी चिराग जलता है.’ ये शेर मशहूर शायर मंजूर हाशमी का है. इस शायरी में उन्होंने उम्मीद और विकास की कोशिशों को और तेज करने की ओर इशारा किया. उन्होंने संसद में अपने पहले बजट भाषण में ‘सशक्त राष्ट्र, सशक्त नागरिक’ के सिद्धांत पर जोर दिया.

‘बहीखाता’ से टूटी ब्रीफकेस लाने की परंपरा, वित्तमंत्री बेटी का बजट भाषण सुनने पहुंचे माता-पिता

बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश कर रही हैं. इससे पहले वह लाल रंग के सूटकेस में बजट लाने की सालों पुरानी परंपरा तोड़ते हुए बजट दस्तावेज लाल रंग के कपड़े में लपेट कर लाईं, जिसे ‘बहीखाता’ नाम दिया गया है. कपड़े पर अशोक चिह्न बना था.

बजट भाषण की शुरुआत करते हुए निर्माल सीतारमण ने कहा कि हालिया लोकसभा चुनाव नया भारत के लिए था. इस साल अर्थव्यवस्था 3 ट्रिलियन डॉलर की हो जाएगी, लक्ष्य पाने के लिए जनभागीदारी जरूरी है, चाणक्य नीति आज भी हमारे लिए मार्गदर्शक. वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण का बजट भाषण सुनने के लिए उनके माता-पिता भी संसद भवन पहुंचे हैं.

Union Budget 2019 live Update: वित्त मंत्री ने कहा- PSU की जमीनों पर सस्ती हाउसिंग स्कीम लाएगी सरकार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ऐतिहासिक जनादेश के साथ सत्ता में आई मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करने वाली हैं. वित्त मंत्री लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चुनाव प्रचार अभियान में किए गए वादों में से कई को पूरा कर सकती हैं. मत्स्य पालन के लिए अलग से मंत्रालय गठित करने (मोदा का एक वादा) की घोषणा के साथ बजट में ‘नीली क्रांति’ शुरू करने के लिए योजनाएं हो सकती हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा छोटे मछुआरों के लिए भंडारण और मार्केटिंग जैसी आधारभूत संरचनाओं के लिए 10,000 करोड़ रुपये स्वीकृत करने के वादे के पूरा होने की उम्मीद है.