आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा के लिए अपने तीन उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. ये तीन नाम हैं- संजय सिंह, चार्टेड एकाउंटेंट नारायण दास गुप्ता और सुशील गुप्ता.  डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने प्रेस कांफ्रेंस में सिलसिलेवार तरीके से बताया कि क्यों ये नाम तय किए गए और कितने उम्मीदवारों के नाम पर विचार हुआ थ. उन्होंने कहा कि देश की 18 बड़ी हस्तियों के नामों पर चर्चा हुई थी. इसे लेकर सभी विधायकों की बैठक हुई जिसमें इन तीन नामों पर मुहर लगी. 

AAP PAC begins. AamAadmiParty to declare Rajya Sabha nominations soon | AAP पीएसी की बैठकः कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह को बुलावा नहीं

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सिसोदिया ने कहा कि एनडी गुप्ता सीए एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके हैं. सुशील गुप्ता ने गोवा विधानसभा चुनाव में पार्टी की कमान संभाली थी. उन्होंने बताया कि वह एजुकेशन और हेल्थ से जुड़े रहे हैं. दिल्ली और हरियाणा में चैरिटेबल कॉन्सेप्ट स्कूल और अस्पताल चलते हैं. ये चैरिटेबल इंडस्ट्री का मॉडल तैयार कर रहे हैं. Also Read - सेवानिवृत्त सैनिकों, आश्रितों को अगले सप्ताह से मिलेगी कोरोना वैक्सीन, यहां लगवा सकते हैं टीका

आप ने टिकट के प्रबल दावेदार कुमार विश्वास और आशुतोष का पत्ता काट दिया. विश्वास को लेकर पहले ही साफ हो गया था कि उन्हें केजरीवाल से मतभेद के चलते टिकट नहीं दिया जा रहा है. लेकिन आशुतोष को टिकट न देना कई सवाल खड़े कर गया. इसे लेकर सिसोदिया ने पत्रकारों के सवालों का जवाब भी नहीं दिया.

वहीं, इन तीन नामों के ऐलान के साथ ही आप में घमासान का नया दौर शुरू हो गया है. कुमार विश्वास ने इसे लेकर केजरीवाल को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि मुझे सच बोलने की सजा मिली है. विश्वास ने तंज कसते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं के संघर्ष को भुलाते हुए पूंजीवादियों को राज्यसभा भेज दिया गया.

कुमार विश्वास को नहीं बुलाया

संजय सिंह और कुमार विश्वास को पीएसी बैठक में नहीं बुलाया गया था. संजय सिंह का नाम पार्टी राज्यसभा के लिए लगभग तय कर चुकी थी. ऐसे में उन्हें बुलाकर पार्टी जज की भूमिका में नहीं लाना चाहती थी. हालांकि आशुतोष आखिरी समय में बैठक में पहुंचे. कुमार विश्वास का बैठक में न बुलाया जाना सीधा सीधा किसी विवाद से बचने के लिए उठाया गया कदम था.

दिल्ली के हिस्से की तीनों राज्यसभा सीटों पर 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में 66 विधायकों वाली आप के ही उम्मीदवारों का चुना जाना लगभग तय है इसलिये उम्मीदवारी को लेकर विपक्षी दल, भाजपा और कांग्रेस खेमों में कोई हलचल नहीं है. चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक आप को नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तारीख 5 जनवरी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा करना अनिवार्य था.