नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को दूसरी बार जनता जनता ने विजयी बनाया है. दोनों ही बार उन्हें दिल्ली के जनता ने पूर्ण बहुमत के साथ जिताया और दिल्ली के तख्त पर काबिज कराया. ऐसे में अब अरविंद केजरीवाल एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले है. लेकिन इस बार का शपथ ग्रहण समारोह कुछ अलग होने वाला है. मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में किसी भी राज्य के किसी भी मुख्यमंत्री को आमंत्रित नहीं किया जाएगा. 16 फरवरी के दिन अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की तीसरी बार शपथ लेंगे. पार्टी नेता गोपाल राय ने गुरुवार को इस बात की जानकारी दी.Also Read - उल्टा तिरंगा लगाकर केजरीवाल से सवाल करते नजर आए भाजपा सांसद, रमेश बिधूड़ी का वीडियो हुआ वायरल

आप की दिल्ली इकाई के संयोजक गोपाल राय ने बताया कि केजरीवाल दिल्ली केन्द्रित समारोह में तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उन्होंने कहा, ‘कोई मुख्यमंत्री या अन्य राज्यों के किसी नेता को इस समारोह में आमंत्रित नहीं किया जाएगा, यह केवल दिल्ली तक सीमित रहेगा.’ उन्होंने कहा कि केजरीवाल दिल्ली के लोगों के बीच शपथ लेंगे, जिन्होंने उनके नेतृत्व में एक बार फिर विश्वास दिखाया है. गौरतलब है कि आठ फरवरी को हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप ने 70 में से 62 सीटों पर जीत हासिल की है और पार्टी यहां तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है. Also Read - संबित पात्रा ने अरविंद केजरीवाल की मुफ्त योजनाओं पर यूं साधा निशाना, नीतीश और तेजस्वी के साथ आने पर दिखाए अपराध के आंकड़े

गौरतलब है कि अन्ना आंदोलन के बाद से केजरीवाल को आम आदमी की संज्ञा दी गई. हालांकि खुद केजरीवाल भी खुद को आम आदमी ही कहते हैं. पार्टी ने पहली बार दिल्ली विधानसभा चुनावों में 28 सीटें जीती थी. इसके बाद आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस गठबंधन कर सरकार की स्थापना की थी. हालांकि यह सरकार कुछ ही दिन में गिर गई और दोबारा विधानसभा चुनाव कराए गए. इस दौरान अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने 70 में 67 सीटों पर जीत हासिल कर रिकॉर्ड कायम कर दिया था. इसके बाद साल 2020 में हुए चुनावों में पार्टी ने 70 में से 62 सीटों पर जीत दर्ज की है. इस बार भी पार्टी ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही हैं. Also Read - 'दिल्ली के सरकारी स्कूलों में AAP विधायकों व मंत्रियों के बच्चे क्यों नहीं पढ़ते', केजरीवाल पर बीजेपी का बड़ा हमला

(इनपुट-भाषा)