नई दिल्ली: बीते कुछ महीनों से नागरिकता विधेयक के खिलाफ देश की राजधानी में प्रदर्शन जारी है. इस विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीति भी खूब तेज़ हो गई है. इस प्रदर्शन ने कई बार हिंसक रूप भी लिया है और इसी सिलसिले में बीते सोमवार कोउत्तर पूर्वी दिल्ली में जम कर हंगामा, आगजनी और पत्थरबाजी का भी मामला सामने आया है. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में कानून-व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए सोमवार की देर रात उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास के बाहर डेरा डाला. Also Read - दिल्‍ली के शाहीन बाग धरनास्थल पर फेंका गया पेट्रोल बम

राय ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र बाबरपुर में हालात तनावपूर्व हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में पुलिस बल तैनात नहीं है. राय ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट करके कहा, ‘‘मैं बिगड़ती कानून-व्यवस्था के हालात पर चर्चा के लिए उपराज्यपाल के आवास के बाहर पहुंचा हूं. हिंसा में शामिल लोग गोलीबारी कर रहे हैं.’’

बाद में दिलीप पांडे, संजीव झा, अखिलेश पति त्रिपाठी समेत कई आप विधायक उपराज्यपाल के आवास के बाहर एकत्र हो गए. बता दें कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर भड़की हिंसा में एक हेड कांस्टेबल समेत चार लोगों की मौत हो गई और अर्द्धसैन्य एवं दिल्ली पुलिस बल के कई कर्मियों समेत कम से कम 50 लोग घायल हो गए. इस दौरान पथराव के कारण घायल हुए गोकलपुरी के सहायक पुलिस आयुक्त के कार्यालय से जुड़े हेड कांस्टेबल रतन लाल (42) की मौत हो गई. दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि हिंसा में घायल तीन अन्य आम नागरिकों की मौत हो गई और 50 घायल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे हैं.

जाफराबाद, मौजपुर, चांद बाग, खुरेजी खास और भजनपुरा में सीएए समर्थक और विरोधी समूहों के बीच हिंसा भड़कने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिये आंसू गैस छोड़ी और लाठीचार्ज भी किया. हालात नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च किया और निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. सरकारी सूत्रों ने आशंका जताई कि दिल्ली के कुछ हिस्सों में हिंसा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जारी यात्रा के मद्देनजर करायी गई प्रतीत होती है.

इनपुट- एजेंसी