आम आदमी पार्टी ने बिजनेसमैन राजिंदर गुप्ता को क्यों दिया राज्यसभा का टिकट? क्या है इसके पीछे की रणनीति

आम आदमी पार्टी ने राजिंदर गुप्ता को राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया. गुप्ता पहले से ही कई सरकारी समितियों और निकायों का हिस्सा रह चुके हैं, जिससे उनकी पहचान पंजाब में मजबूत है.

Published date india.com Published: October 8, 2025 10:16 AM IST
आम आदमी पार्टी ने बिजनेसमैन राजिंदर गुप्ता को क्यों दिया राज्यसभा का टिकट? क्या है इसके पीछे की रणनीति
Image Source- Social Media

AAP Rajinder Gupta Rajya Sabha Candidate 2025: आम आदमी पार्टी (AAP) ने रविवार को उद्योगपति राजिंदर गुप्ता को राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया. यह उपचुनाव 24 अक्टूबर को होना है. पार्टी के इस फैसले ने न केवल चल रही अटकलों को विराम दिया है, बल्कि यह भी दिखा दिया है कि AAP अब अपने फोकस को पंजाब पर और मजबूत करना चाहती है.

दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद अब पंजाब ही एकमात्र राज्य है, जहां AAP की सरकार है. AAP के भीतर लंबे समय से यह चर्चा चल रही थी कि पार्टी राज्यसभा की खाली सीट पर किसे भेजेगी. संजीव अरोड़ा के इस्तीफे के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा था कि पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को राज्यसभा भेजा जा सकता है.

पंजाब पर फोकस

हालांकि पार्टी के भीतर इस प्रस्ताव पर मतभेद था. AAP के एक वरिष्ठ नेता ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘संजीव अरोड़ा के इस्तीफे के कुछ हफ्तों बाद ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि किसी बाहरी व्यक्ति को उम्मीदवार नहीं बनाया जाएगा. अगर अरविंद केजरीवाल या मनीष सिसोदिया को भेजा जाता, तो गलत संदेश जाता कि पार्टी नेतृत्व सिर्फ पदों पर बने रहने में रुचि रखता है. इसलिए पंजाब से जुड़ा हुआ ही कोई चेहरा चुना जाएगा.’

लोकल चेहरे को प्राथमिकता

राजिंदर गुप्ता को चुनकर पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि पंजाब के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी. AAP को पंजाब से अब तक सात राज्यसभा सीटें मिली हैं, जिनमें से पांच पंजाब के नेताओं को दी गई हैं. इनमें पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, पर्यावरण कार्यकर्ता बलबीर सिंह सीचेवाल, और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक अशोक मित्तल जैसे नाम शामिल हैं. वहीं, दिल्ली से केवल राघव चड्ढा और संदीप पाठक को राज्यसभा भेजा गया है.

दिल्ली बनाम पंजाब का संतुलन

पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने कहा कि हाल में पंजाब सरकार में दिल्ली के नेताओं की सक्रियता को लेकर आलोचना बढ़ी है. यह चयन उस धारणा को तोड़ने का प्रयास है कि पंजाब सरकार को दिल्ली से चलाया जा रहा है. अब उम्मीद है कि इस कदम से स्थानीय नेतृत्व को मजबूती मिलेगी और जनता में सकारात्मक संदेश जाएगा.

2027 की तैयारी और गुप्ता की भूमिका

AAP का यह फैसला 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है. पार्टी चाहती है कि पंजाब के लोग खुद को सत्ता का साझेदार महसूस करें, न कि सिर्फ वोट देने वाला वर्ग. एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, ‘गुप्ता का चयन यह दिखाता है कि पार्टी पंजाब के उद्योग, विकास और प्रशासनिक सुधार पर ध्यान दे रही है. गुप्ता कई सरकारी समितियों और निकायों का हिस्सा रह चुके हैं और शासन से भली-भांति परिचित हैं.’

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राजिंदर गुप्ता का चयन AAP की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, एक ऐसा कदम जो पार्टी के संगठनात्मक संतुलन को बनाए रखने के साथ-साथ पंजाब में उसकी पकड़ को और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है. आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह दांव पार्टी को 2027 के चुनावी रण में बढ़त दिला पाएगा या नहीं.

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