अहमदाबाद| आम आदमी पार्टी (आप) ने आज कहा कि वह आगामी गुजरात विधानसभा चुनाव लड़ेगी लेकिन केवल उन्हीं सीटों पर उम्मीदवारों को उतारेगी जो केंद्रीय नेतृत्व के कुछ मानकों पर खरे उतरेंगे. पार्टी के गुजरात चुनाव के प्रभारी और दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने संवाददाताओं से कहा कि कल आप की राज्य और केंद्रीय पदाधिकारियों की हुई बैठक में चुनाव लड़ने का निर्णय किया गया.

राय ने कहा कि चुनाव प्रचार को औपचारिक रूप से शुरू करने के लिए अहमदाबाद में 17 सितम्बर को रोड शो का आयोजन किया जाएगा. राय ने कहा कि आप ने लंबी चर्चा के बाद निर्णय किया कि वह गुजरात विधानसभा चुनाव लड़ेगी. हमने तीन मानक बनाए हैं और उन्हीं सीटों पर चुनाव लड़ेंगे जो हमारे मानकों को पूरा करेंगे.


उन्होंने कहा कि पार्टी उन सीटों पर चुनाव लड़ेगी जहां वह सक्षम उम्मीदवार पाएगी जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार या आपराधिक मामले नहीं हों और जिनका चरित्र उत्तम हो. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में विधानसभा की 182 सीटों पर इस वर्ष के अंत तक चुनाव होने की संभावना है.

मंत्री ने कहा कि पार्टी जिन विधानसभा सीटों को चुनेगी उसके हर बूथ का प्रभारी होना चाहिए. साथ ही पार्टी के सदस्यों को अपने प्रचार के लिए खुद धन जुटाना होगा और इसे चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक खर्च करना होगा.

राय ने कहा कि किसी एक सीट पर जुटाए गए धन को उसी विधानसभा क्षेत्र में प्रचर पर खर्च किया जाएगा. उन्होंने कहा कि हम केवल उन्हीं सीटों पर अपनी ऊर्जा लगाएंगे जहां हम जीत सकते हैं. इसके लिए हमने राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है जो चुनाव प्रबंधन कार्यों को देखेगी. उन्होंने कहा कि संभव है कि पार्टी सभी 182 सीटों पर उम्मीदवार उतारे.

दिल्ली नगर निगम चुनावों में बीजेपी से करारी हार मिलने के बाद आप के गुजरात में विधानसभा चुनाव लड़ने पर संकट के बादल दिखने लगे थे. अरविंद केजरीवाल की पार्टी हाल में हुए पंजाब विधानसभा चुनावों में मुख्य विपक्ष के तौर पर उभरी थी लेकिन परिणाम से पार्टी निराश हो गई क्योंकि इसके नेताओं को राज्य में सत्ता में आने की उम्मीद थी.

बहरहाल लगता है कि हाल में बवाना विधानसभा उपचुनाव जीतने के बाद पार्टी ने इस पर पुनर्विचार किया है. राय ने कहा कि पार्टी ने चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए एक टीम बनाई है. उन्होंने कहा कि किशोर देसाई को समन्वयक बनाया गया है.

उन्होंने कहा कि पार्टी गुजरात के लोगों को विकल्प देना चाहती है जो बीजेपी के दो दशक से ज्यादा लंबे शासन से ऊब चुके हैं और समझते हैं कि कांग्रेस मजबूत विपक्षी पार्टी नहीं है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में आप की सरकार ने आम आदमी को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में कई पहल के माध्यम से सहयोग करने का मॉडल बनाया है. राय ने कहा कि उनकी पार्टी इस मॉडल को गुजरात के मतदाताओं के समक्ष रखना चाहती है.