नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी की ओर से 2019 के लोकसभा चुनाव की उम्मीदवार चुनी गईं आतिशी मार्लेना से मार्लेना शब्द हटाने को लेकर विवाद हो गया है. आम आदमी पार्टी के आधिकारिक बयान पोस्टर्स और प्रचार सामग्री से भी मार्लेना गायब दिख रहा है. इतना ही नहीं आतिशी मार्लेना के ट्विटर हैंडल से भी मार्लेना सरनेम गायब है. चुनाव प्रचार से पहले सरनेम हटाने को लेकर कई तरह की अटकलबाजी हो रही है. लोगों में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि उन्होंने खुद अपना सरनेम हटाया है या आम आदमी पार्टी ने उन्हें ऐसा करने के लिए बोला. सरनेम हटाने को लेकर उठ रहे तमाम सवालों के बीच पार्टी ने सफाई दी है.

आम आदमी पार्टी का कहना है कि आतिशी मार्लेना के सरनेम से उनके ईसाई या विदेशी होने का आभास होता है. यह काफी भ्रामक है. इसलिए आतिशी ने अपना सरनेम हटाने का फैसला किया है. उनके इस व्यक्तिगत फैसले में पार्टी की कोई भूमिका नहीं है. वहीं आप के सूत्रों का कहना है कि आतिशी का सरनेम सिंह है. मार्लेना भी उनका फर्स्ट नेम ही है. लेकिन ईस्ट दिल्ली क्षेत्र से कई लोग आ रहे थे, जो पूछ रहे थे कि वो कहां से हैं.

लोगों में किसी तरह का भ्रम न हो इसलिए उन्होंने आशुतोष की तरह सिंगल नेम रखने का फैसला किया है. बताया जा रहा है कि आतिशी को मार्लेना नाम उनके पिता विजय सिंह और उनकी मां तृप्ति वाही ने मार्क्स और लेनिन के नाम को मिलाकर दिया था.

कौन हैं आतिशी मार्लेना
उप-मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की पूर्व सलाहकार रह चुकी आतिशी मार्लेना को पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए उम्मीदवार चुना गया है. आतिशी को जून में इस सीट का प्रभारी बनाया गया था. सोमवार को आम आदमी पार्टी ने ईस्ट दिल्ली चुनाव क्षेत्र से उन्हें उम्मीदवार बनाया. आतिशी 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में पार्टी का मेनिफेस्टो ड्राफ्ट करने के टास्क में भी शामिल थीं.