नई दिल्ली: कोरोना वायरस से सुरक्षा व संक्रमितों की ट्रेसिंग के लिए बनाए गए Aarogya Setu ऐप को दुनियाभर में काफी पॉपुलैरिटी मिली है. भारत में इसे अबतक 11 करोड़ लोग डाउनलोड कर चुके हैं. हालांकि बीते दिनों इस ऐप की निजता (Privacy) पर काफी सवाल उठे थे. लोगों की मांग पर इस ऐप को सोर्स कोड को अब पब्लिक किया जा चुका है. NITI Ayog ने इस बात की पुष्टि एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की. Also Read - VIDEO: गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ्तारी पर मां बोलीं- इस समय वह भाजपा में नहीं, सपा में है

आयोग ने बताया कि इस ऐप के लॉन्च होने के 41 दिनों के भीतर ही 10 करोड़ लोगों ने डाउनलोड कर लिया और अब इस एंड्रॉयड ऐप का सोर्स कोड़ जारी कर दिया गया है. बाद में iOS और KaiOS वर्जन का भी सोर्स कोड जारी किया जाएगा. इस ऐप के सोर्स कोड को GitHub पर लाइव कर दिया गया है. बता दें कि सिंगापुर में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला था. यहां ट्रेस टुगेदर ऐप के सोर्स कोड को प्रशासन द्वारा जारी किया गया था. Also Read - पीएम नरेंद्र मोदी का बयान- हम दिल्ली के आरामदायक दफ्तरों में बैठकर फैसले नहीं करते

बता दें कि आरोग्य सेतु ऐप को NIC ने बनाया है. तकनीकी भाषा में कहें तो NIC इस ऐप का डेवलपर है. लोगों द्वारा सोर्स कोड़ की मांग किए जान व निजता पर सवाल उठाने को लेकर जब नीति आयोग द्वारा सोर्स कोड जारी किया गया तब ऐप के डेवलपर ने इनाम का भी ऐलान किया. ऐप के डेवलेपर NIC ने कहा कि इस ऐप में खामी ढूंढने वाले को इनाम दिया जाएगा.

बता दें कि इस ऐप के सोर्स कोड को पब्लिक किए जाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इस ऐप की सुरक्षा व्यवस्था को और भी बेहतर किया जा सकेगा. साथ ही हैकर्स, डेवलपर्स भी इस ऐप की खामिया काफी अच्छे तरीके से ढूंढ पाएंगे. बता दें कि आरोग्य सेतु ऐप में लाइव ट्रेसिंग दिखाता है. अगर आप किसी कोरोना संक्रमित के पास से गुजरते हैं तो इस ऐप पर आपको जानकारी मिल जाएगी.