नई दिल्ली। ABB (इंडिया लि.) ने आईआईटी रूड़की के साथ तकनीकी सहयोग को लेकर एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत कैंपस में स्मार्ट इलेक्ट्रीसिटी डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और मैनेजमेंट सिस्टम (SDNMS)स्थापित किया जाएगा. ये एक तरह से सरकार के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर काम करेगा. Also Read - आईआईटी रुड़की ने विकसित की नई तकनीक, अब धुंध भरे मौसम में भी सुचारू रूप से चलेगी गाड़ियां

भारत बिजली खपत में तीसरे नंबर पर Also Read - हिमाचल में भारी बारिश में IIT के 35 छात्र लापता, कई हाईवे प्रभावित

दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बिजली खपत वाला देश है जो अपने एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को सिटीजन फ्रेंडली बना रहा है. कीमत पर काबू पाने के साथ बिजली का सटीक वितरण किया जाए तो कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आ सकती है. एबीबी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव शर्मा ने कहा, एबीबी का भारत के साथ गहरा नाता है जिसने देश के कई प्रोजेक्ट पर काम किया है. आईआईटी रूड़की के साथ हमारी साझेदारी ने एबीबी के मिशन को और मजबूत किया है. Also Read - देश में बड़े संस्थाओं के प्रमुख के लिए नहीं हैं 'सक्षम' लोग? जानिए क्या है पूरा माजरा...

उन्होंने कहा, आज जिस समझौते पर सहमति बनी है वो इस बात का सबूत है कि बिजली वितरण में स्मार्ट ग्रिड और इंटेलीजेंट ऑटोमेशन का बुद्धिमतापूर्ण तरीके से इस्तेमाल हो रहा है. यह सबी को बिजली देने के भारत के विजन को पूरा करेगा साथ ही धरती को नुकसान पहुंचाए बिना विश्व को बेहतर तकनीक उपलब्ध कराने के एबीबी के लक्ष्य को भी पूरा करेगा.

इस सहमति पत्र के बारे में आईआईटी रूड़की के डायरेक्टर प्रो. अजित चतुर्वेदी ने कहा, आईआईटी रूड़की में होने वाले हर बड़े कैंपस डेवलपमेंट में निरंतरता का भाव अवश्य रहता है. इसी वजह से हम इस क्षेत्र में एक अगुवा की तरह उभरे हैं. आईआईटी रूड़की न सिर्फ इलेक्ट्रिसिटी जेनरेशन के लिए सोलर एनर्जी का इस्तेमाल कर रहा है बल्कि कैंपस के सभी हॉस्टल और घरों में सीधे गर्म पानी उपलब्ध करवा रहा है. इसी के साथ कैंपस के हॉस्टल में सोलर आधारित कुकिंग भी चलाई जा रही है.