नई दिल्ली: कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए देश भर में तबलीगी जमात के सदस्यों और उनके संपर्क में आए करीब 9000 लोगों को अब तक पृथक रखा गया है. यह जानकारी गुरुवार को गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी. Also Read - 90 से ज्‍यादा MLA के साथ सीएम गहलोत के निवास पर मीटिंग, दिल्‍ली, महाराष्‍ट्र, राजस्‍थान में पार्टी नेताओं पर IT के छापे

केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य सलिल श्रीवास्तव ने नियमित प्रेस कॉन्‍फ्रेस में बताया कि दिल्ली में तबलीगी जमात के ऐसे करीब 2000 सदस्यों में से 1804 को पृथक (क्वारंटीन) केंद्रों में भेज दिया गया है, जबकि लक्षण वाले 334 सदस्यों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. Also Read - दिल्ली में आसमान छू रहीं टमाटर की कीमतें, खुदरा बाज़ार में भाव 70 रुपए किलो पहुंचा

केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने कहा कि कोविड-19 महामारी के परिप्रेक्ष्य में तबलीगी जमात के सदस्यों की पहचान के लिए राज्यों के साथ गृह मंत्रालय के पुरजोर प्रयासों के कारण यह संभव हो सका. उन्होंने बताया कि दिल्ली में ऐसे लोगों में 250 विदेशी हैं. Also Read - Coronavirus In Delhi: दिल्ली में करीब 90 हजार लोग हुए स्वस्थ, 3371 लोगों की मौत

श्रीवास्तव ने संवाददाता सम्मेलन में बताया, ”गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों के साथ मिलकर पुरजोर प्रयास किया और तबलीगी जमात के सदस्यों और उनके संपर्क में आए करीब 9000 लोगों की पहचान कर उन्हें पृथक किया. इनमें से 1306 लोग विदेशी हैं.”

गृह मंत्री के कार्यालय के मुताबिक, तब्लीगी जमात, निजामुद्दीन के मामले में 960 विदेशियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और तब्लीगी जमात से संबंधित गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर उनके पर्यटक वीजा रद्द कर दिए गए हैं.

तब्लीगी जमात, निजामुद्दीन के मामले में गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित राज्यों के DGP को निर्देश दिया है कि वे विदेशियों अधिनियम, 1946 और आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और गृह मंत्री के कार्यालय के प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए 960 विदेशियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करें.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 25 मार्च को 21 दिनों के बंद की घोषणा की थी. केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने कहा कि गृह मंत्रालय देश में जारी बंद पर नजर रख रहा है और गृह सचिव (अजय भल्ला) ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखकर कहा है कि लॉकडाउन का पूर्णत: पालन किया जाना चाहिए.

श्रीवास्तव ने कहा कि आपदा के समय सही सूचना दिए जाने की सख्त जरूरत है और फर्जी सूचना या अफवाह से भय का माहौल पैदा हो सकता है इसलिए गृह सचिव ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अपने समकक्ष से आग्रह किया था कि एक वेबपोर्टल बनाया जाए जहां लोग कोविड-19 के बारे में सही स्थिति, खबर की पुष्टि कर सकें.

केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने महानिदेशक स्तर के अधिकारी की देखरेख में एक विशेष इकाई का गठन किया है जहां लोग मेल भेजकर अपने संदेह दूर कर सकते हैं और खबरों की पुष्टि कर सकते हैं.