नई दिल्‍ली: आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकंद नरवणे (Army chief General MM Naravane) ने जम्‍मू-कश्‍मीर में आर्टिकल 370 के प्रावधानों को हटाने को आतंकवाद से निपटने में अहम कदम बताते हुए कहा है कि अनुच्छेद 370 हटाया जाना ऐतिहासिक कदम है, इससे जम्मू-कश्मीर को मुख्य धारा से जुड़ने में मदद मिलेगी. आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे साफ कहा, आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों को जवाब देने के लिए हमारे पास कई विकल्प हैं और हम उनका इस्तेमाल करने में हिचकिचाएंगे भी नहीं.

बता दें कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले साल 5 अगस्‍त 2019 को जम्‍मू-कश्‍मीर में लागू आर्टिकल 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटा दिया था.

सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधान हटाए जाने के फैसले को ऐतिहासिक कदम करार देते हुए बुधवार को कहा कि इसका, ‘पश्चिमी पड़ोसी’ द्वारा छेड़े गए छद्म युद्ध पर असर पड़ा है.

सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकंद नरवणे ने करियप्पा परेड मैदान में 72वें सेना दिवस के मौके पर अपने संबोधन में कहा कि सशस्त्र बल आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करते. जनरल एम एम नरवाने ने कहा, आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों को जवाब देने के लिए हमारे पास कई विकल्प हैं और हम उनका इस्तेमाल करने में हिचकिचाएंगे भी नहीं.

बता दें कि बीते 11 जनवरी को आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे बयान दिया था कि यदि सेना को संसद से आदेश मिलता है तो वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को अपने नियंत्रण में ले सकती है.

सेना प्रमुख ने कहा था, ”जहां तक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की बात है तो कई साल पहले इस पर संसद से एक प्रस्ताव पारित हुआ था कि पूरा जम्मू कश्मीर भारत का हिस्सा है. यदि संसद चाहती है कि यह क्षेत्र पूरी तरह हमारा हो जाए और यदि हमें उसके सिलसिले में आदेश मिलता है तो हम निश्चित ही उस दिशा में कार्रवाई करेंगे.”

वह इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या सेना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को अपने कब्जे में लेने के लिए तैयार है.