नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कम्यूनिस्ट छात्र समूहों ने विश्वविद्यालय में उनपर हमला किया. उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सुरक्षा का आश्वासन मिलने तक परिसर में जाने से इनकार कर दिया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छात्र इकाई ने अपने सदस्यों पर कई हमलों का आरोप लगाते हुए कहा कि वाम कार्यकर्ता उनकी ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ को कम कर रहे हैं.

एबीवीपी की सदस्य निहारिका झा ने कहा, ‘‘वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए हमेशा हल्ला करते हैं लेकिन यह स्वतंत्रता सिर्फ उन्हें ही मिलनी चाहिए? हमारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को क्यों कम किया जा रहा है?’’ झा ने आरोप लगाया कि शनिवार रात को जब वह एक बाइक पर थाने से लौट रही थीं तो वाम कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया था.

एबीवीपी के अन्य सदस्य सतविक ने कहा, ‘‘हम बहुत डरे हुए हैं. हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हमारी सुरक्षा का आश्वासन देने तक हम अपने छात्रवास के कमरों में नहीं जाएंगे.’’ वाम छात्रों के संयुक्त मोर्चे के रविवार को चुनाव में जीतने के बाद जेएनयू परिसर में हिंसा भड़क उठी थी.

एआईएसएफ ने आरोप लगाया कि एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर हमला किया और जेएनयूएसयू के नए अध्यक्ष को भी पीटा. एबीवीपी सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन पर वाम समर्थकों ने हमला किया जिसमें तीन लोग घायल हुए.  जेएनयू परिसर में हिंसा की कथित वारदात के बाबत एक-दूसरे के खिलाफ की गई शिकायतों के आधार पर पांच प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं.

(इनपुट: एजेंसी)