नई दिल्ली. फेक डिग्री के मामले में फंसे दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) अध्यक्ष अंकिव बासोया पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने बड़ी कार्रवाई की है. एबीवीपी ने अंकित को अपने पद से इस्तीफा देने को कहा है. बता दें कि एबीवीपी भारतीय जनता पार्टी का ही छात्र संगठन है. अंकित इसी साल डीयू में छात्र संघ अध्यक्ष बने थे.

बता दें कि डूसू चुनाव में अंकिव बासोया एबीवीपी से प्रत्याशी थे और उन्होंने शानदार जीत हासिल की थी. उनकी जीत के बाद से ही विपक्षी छात्र संगठन बासोया पर फर्जी डिग्री के साथ यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने का आरोप लगा रहे थे. उन्होंने मामले की शिकायत कोर्ट तक में की. तब से अंकित निशाने पर थे.

हाई कोर्ट में है मामला
विपक्षी छात्र संगठन का आरोप है कि अंकिव ने वेल्लूर यूनिवर्सिटी के फर्जी डिग्री का इस्तेमाल करते हुए डीयू के बुद्धिस्ट डिपार्टमेंट में एडमिशन लिया है. इसके बाद कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई से कैंडिडेट सनी छिल्लर हाईकोर्ट पहुंच गए. कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए यूनिवर्सिटी को जांच के लिए 20 नवंबर तक की मोहलत दी है. दूसरी तरफ डीयू का कहना है कि वेल्लूर यूनिवर्सिटी से उन्हें सहयोग नहीं मिल पा रहा है.

एनएसयूआई का आरोप
मालूम है कि डूसू का चुनाव इस साल सितंबर में हुआ था और उसका रिजल्ट 13 सितंबर को आया था. एनएसयूआई का कहना है कि डीयू इस मामले की जांच में लापरवाही कर रहा है. दो महीने पूरे हो चुके हैं और लिंगदोह की सिफारिश के बावजूद अबतक चुनाव नहीं कराए गए हैं. एनएसयूआई ने कहा कि नियम के मुताबिक, उपाध्यक्ष को अध्यक्ष पर प्रमोट किया जा सकता है. डीयू जानबूझकर देरी कर रहा है.