नई दिल्ली. फ्रांस ने आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर वित्तीय प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया है. जोर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमेशा से भारत के साथ रहा है. फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के लिये नये सिरे से प्रयास किया था.

फ्रांस ने अमेरिका और ब्रिटेन के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पेश किया था. इसमें पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के सरगना को ‘वैश्विक आतंकी’ घोषित करने का प्रस्ताव किया गया था. हालांकि, चीन ने तकनीकी आपत्ति जताते हुए इस प्रस्ताव पर अड़ंगा लगा दिया था.

पुलवामा हमला
फ्रांस के यूरोप एवं विदेशी मामलों के मंत्रालय, फ्रांस के आर्थिक एवं वित्त मंत्रालय तथा आतंरिक मामलों के मंत्रालय के संयुक्त बयान में कहा गया है कि 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में एक घातक हमला हुआ. इसमें भारतीय पुलिस बल के 40 लोगों ने जान गंवाई. जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है जिसे 2001 से ही संयुक्त राष्ट्र आतंकी संगठन घोषित करने का प्रयास कर रहा है. इसमें कहा गया है, फ्रांस आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमेशा से भारत के साथ रहा है और हमेशा रहेगा.