नई दिल्ली: मानवाधिकार कार्यकर्ता हर्ष मंदर (Harsh Mander) ने मंगलवार को नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) के खिलाफ अपने आंदोलन की घोषणा की. इस दौरान मंदर ने कहा कि अगर यह बिल सदन द्वारा पारित किया जाता है तो वह अधिकारिक रूप से मुसलमान के रूप में पंजीकरण कराएंगे.  उन्होंने आगे कहा कि मैं NRC को कोई भी दस्तावेज जमा करने से मना कर दूंगा. मैं खुद के लिए भी उसी प्रकार के व्यवहार की मांग करूगा जो गैर डाक्यूमेटेंड मुस्लिमों के लिए होगी. मंदर ने लोगों से इस आंदोलन में शामिल होने को भी कहा है. गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन विधेयक पर दिनभर चली लंबी बहस के बाद इसे लोकसभा में 311-80 के बहुमत के साथ पास किया गया.

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बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ देश के पूर्वोतर हिस्से में आदोलन की शुरुआत हो चुकी है. कई छात्र संगठनों (Student’s Union)ने इस आंदोलन का आह्वान संयुक्त रूप से किया है. पूर्वोत्तर छात्र संगठन (एनईएसओ) ने इस विधेयक के खिलाफ शाम चार बजे तक बंद का आह्वान किया है. कई अन्य संगठनों और राजनीतिक दलों ने भी इसे अपना समर्थन दिया है. इस बंद के आह्वान के मद्देनजर असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. नगालैंड में चल रहे हॉर्नबिल महोत्सव की वजह से राज्य को बंद के दायरे से बाहर रखा गया है.

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इस बिल का उद्देश्य उन लोगों को भारतीय नागरिकता देना है जो अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आ गए थे. विपक्षी पार्टियों ने इस बिल को मुसलमानों और संविधान की समरसता के खिलाफ बताया है. उनका कहना है कि यह बिल मुसलमानों को छोड़कर बाकी सभी धर्म यानी हिंदू, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध, ईसाई लोगों को भारतीय नागरिकता देने प्रस्ताव करता है.