झारखंड। सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश को मंगलवार को हिंसा का शिकार होना पड़ा. झारखंड के पाकुड़ में भीड़ ने स्वामी अग्निवेश पर हमला बोल दिया और उनकी जमकर पिटाई. इस दौरान उनके कपड़े भी फाड़ दिए. हमलावरों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और उनके खिलाफ नारेबाजी भी की. हमले का आरोप बीजेपी युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं पर लगा है. स्वामी अग्निवेश ने आरोप लगाया कि भाजपा और उससे जुड़े संगठनों के लोगों ने आज यहां उनके साथ उस समय मारपीट की जब वह पहड़िया समुदाय के लोगों के अधिकारों के बारे में बात करने लिट्टीपाड़ा जा रहे थे. इस मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने संथाल परगना के मंडलायुक्त और पुलिस उपमहानिरीक्षक से जांच कराने के निर्देश दे दिए हैं. Also Read - Chhinnamastika Temple: 7 महीने बाद खुलेगा मां छिन्नमस्तिका का मंदिर, जानें क्या हैं नए नियम

होटल के बाहर हुआ हमला

स्वामी अग्निवेश पाकुड़ में एक समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे. जैसे ही वह अपने होटल से बाहर निकले उन पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया. ये लोग जय श्री राम के नारे लगा रहे थे और उन्होंने 80 साल के स्वामी अग्निवेश की जमकर पिटाई की. उन्होंने आरोप लगाया कि हमला बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया है. स्वामी अग्निवेश के आज यहां पहुंचने की सूचना मिलने के बाद उनके होटल के सामने कथित तौर पर भाजपा और उसके दूसरे संगठनों के कार्यकर्ता विरोध के लिए एकत्रित हो गए थे. कार्यकर्ताओं ने अग्निवेश के खिलाफ नारेबाजी की और उन पर आदिम जनजातियों को भड़काने का आरोप लगाया. 

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इस घटना के बाद स्वामी अग्निवेश ने कहा कि मैं किसी भी तरह की हिंसा के खिलाफ हूं. मैं एक शांतिप्रिय व्यक्ति के तौर पर जाना जाता हूं. मुझे नहीं पता कि मुझपर हमला क्यों किया गया. हमने इस मामले में जांच की मांग की है. स्वामी अग्निवेश ने कहा कि मुझसे मारपीट की गई और गाली भी दी गई. इस दौरान वहां पर कोई पुलिसवाला नहीं था. स्थानीय लोगों के मुताबिक बीजेपी यूथ विंग के कार्यकर्ता होटल के बाहर जमे हुए थे और उनके दौरे का विरोध कर रहे थे. हमले में वह घायल हो गए और डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं.

बीजेपी का इनकार 

वहीं, बीजेपी ने इस हमले में अपने कार्यकर्ताओं का हाथ होने से इनकार किया है. झारखंड बीजेपी के प्रवक्ता पी शहदेव ने कहा कि हमलावर हमारी पार्टी के लोग नहीं थे. हम इसकी निंदा करते हैं लेकिन उनका ट्रैक रिकॉर्ड ऐसा है कि उनके साथ इस तरह का हादसा चकित नहीं करता. पाकुड़ इन दिनों धर्म परिवर्तन के लिए चर्चा में है.