पुणे: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के काफिले को शिरडी जाने से रोकने की धमकी देने वाली महिला अधिकार कार्यकर्ता तृप्ति देसाई को पुलिस ने शुक्रवार की सुबह हिरासत में लिया. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. भूमाता रंगरागिनी ब्रिगेड की अध्यक्ष देसाई देश के मंदिरों में महिलाओं को प्रवेश दिलाने की लड़ाई लड़ रही हैं. प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रवार को शिरडी जाने का कार्यक्रम हैं जहां वह साईबाबा समाधि शताब्दी कार्यक्रम की समाप्ति पर साई मंदिर न्यास की ओर से आयोजित समारोह में हिस्सा लेंगे. समाधि शताब्दी समारोह एक साल से चल रहा था. वह प्रधानमंत्री आवास योजना के कुछ लाभार्थियों को उनके मकानों की चाभियां भी सौपेंगे. Also Read - राहुल गांधी का PM मोदी पर हमला- पहली बार दशहरा में 'रावण' नहीं, प्रधानमंत्री का पुतला जलाया गया

कुछ दिन पहले ही देसाई ने प्रधानमंत्री से सबरीमला मुद्दे पर बातचीत करने के लिए शिरडी में मिलने का समय मांगा था. देसाई ने चेतावनी दी थी कि प्रधानमंत्री से मिलने नहीं देने पर उनके संगठन के कार्यकर्ता मोदी के काफिले का रास्ता रोकेंगे. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, पुणे से शिरडी रवाना होने से पहले आज देसाई को सहकारनगर पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया. उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की शिरडी यात्रा में बाधा पहुंचाने की धमकी देने के बाद पुलिस ने आज तड़के उन्हें हिरासत में लिया.’’ उन्हें फिलहाल सहकार नगर थाने में हिरासत में रखा गया है. Also Read - Bihar Chunav 2020: बिहार के वोटरों से PM मोदी की अपील- पहले मतदान, फिर जलपान!

इसबीच, फोन पर हुई बातचीत में देसाई ने कहा कि उन्होंने अहमदनगर जिले के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा था. देसाई ने कहा, ‘‘चिट्ठी में हमने चेतावनी दी थी कि भेंट का समय नहीं मिलने पर हम प्रधानमंत्री का काफिला रोक देंगे. हमने उनसे बातचीत करने का अनुरोध किया है.’’ उन्होंने कहा कि पुलिस ने आज उन्हें हिरासत में लेने में जो तत्परता दिखाई है वैसी तत्परता वह केरल में मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विरोध करने वालों के खिलाफ नहीं दिखा रही. Also Read - जानें कौन हैं कश्मीर के 'मंजूर पेंसिल', पूरे देश के लिए बने मिसाल, PM Modi ने की तारीफ