चेन्नई: ‘मनुस्मृति’ विवाद में मंगलवार को बीजेपी नेता खुशबू सुंदर और कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने एहतियात के तौर पर यहां हिरासत में ले लिया. पुलिस ने बताया कि सुंदर और अन्य को तब हिरासत में लिया गया, जब वे विदुतलाई चिरूतैगल काची (वीसीके) प्रमुख थोल थिरुमावलवन के महिलाओं के बारे में टिप्पणी के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए चिदंबरम शहर की ओर जाने का प्रयास कर रहे थे.Also Read - Manipur Polls 2022: मणिपुर में विधानसभा चुनाव से पहले TMC का एकमात्र विधायक BJP में शामिल

दरअसल, बीजेपी ने लोकसभा सदस्य और वीसीके नेता थोल थिरुमावलवन द्वारा मनुस्मृति का हवाला देते हुए महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के विरोध में कुड्डालोर जिले के चिदंबरम में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था. एक्‍ट्रेस से नेता बनीं खुशबू सुंदर को मंगलवार को तमिलनाडु के मुत्तुकदु के पास पुलिस ने उस समय हिरासत में ले लिया, जब वह चिदंबरम में एक विरोध रैली में भाग लेने के लिए जा रही थीं. खुशबू ने हाल ही में कांग्रेस का साथ छोड़ बीजेपी का दामन थामा है. Also Read - Punjab विधानसभा चुनाव पर Zee Opinion Poll की खास बातें, किस पार्टी को कितनी सीटें? कौन सबसे पसंदीदा सीएम, जानें सबकुछ

बता दें कि एक ऑनलाइन सेमिनार में थिरुमावलवन ने कहा था कि हिंदू धर्म और मनु धर्म के अनुसार, ‘भगवान ने सभी महिलाओं की रचना वेश्याओं के रूप में की है.’ खुशबू ने थिरुमावलवन के भाषण के खिलाफ अपना विरोध जताया और बाद में उनके खिलाफ पुलिस में शिकायतें दर्ज कराई गईं. थिरुमावलवन कुड्डालोर जिले में चिदंबरम लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. Also Read - Zee Opinion Poll 2022: पंजाब में त्रिशंकु विधानसभा के आसार! AAP हो सकती है सबसे बड़ी पार्टी, SAD को बड़ा फायदा

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अगर उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी जाती तो कानून-व्यवस्था का मुद्दा हो सकता था और एहतियाती तौर पर उन्हें हिरासत में लिया गया. जब खुशबू और अन्य कार्यकर्ताओं को ईस्ट कोस्ट रोड पर एक रिसार्ट के परिसर में रखा गया तो उन्होंने नारेबाजी करते हुए थिरुमावलवन की गिरफ्तारी की मांग की.

खुशबू को तब गिरफ्तार कर लिया गया, जब वह विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए जा रही थी, जिसे पुलिस की अनुमति नहीं मिली.परिसर में धरना दे रहीं खुशबू सुंदर ने कहा,”महिलाओं के खिलाफ थिरुमावलवन की टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन किया गया. मैं उन्हें बड़ा भाई कहती हूं और उनका काफी सम्मान करती हूं. लेकिन मुझे नहीं पता कि इस टिप्पणी के बाद मैं उन्हें क्या कहकर संबोधित करूंगी.”

सुंदर ने कहा कि चेंगलपेट जिले में प्रवेश करते ही उन्हें और भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सीपी राधाकृष्णन ने सुंदर को हिरासत में लिए जाने की आलोचना की.

थिरुमावलवन सोमवार को जब इरोड गए थे, उस वक्त तनाव की स्थिति पैदा हो गई.

खुशबू ने ट्वीट किया, “जब आपकी यात्रा पुलिस फोर्स द्वारा रोक दी जाती है, तो आप जानते हैं कि आप सही रास्ते पर हैं. मैं एआईएडीएमके और तमिलनाडु के सीएम से पूछती हूं कि जब अन्य पार्टियों को अनुमति दी जाती है, तो हमें क्यों शांतिपूर्ण विरोध करने के हमारे लोकतांत्रिक अधिकार से रोक दिया गया? ऐसा पक्षपात क्यों?”

खुशबू ने आगे कहा, “या एआईएडीएमके सरकार को पता है कि वीसीके दंगों और गुंडागर्दी कराने के लिए सक्षम है और उन्हें इसी बात का डर है?” उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए विरोध प्रदर्शन अंतिम सांस तक जारी रहेगा.

वीसीके एआईएडीएमके का सहयोगी है. एआईएडीएमके और उसके अन्य राजनीतिक सहयोगी थिरुमावलवन का समर्थन कर रहे हैं और पुलिस से उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की है. तमिलनाडु बीजेपी महिला विंग ने मंगलवार को थिरुमावलवन के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया है.

कुछ दिन पहले थिरुमावलवन का एक वीडियो क्लिप वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने महिलाओं के बारे में कुछ टिप्पणी की थी और दावा किया था कि मनुस्मृति में इसका जिक्र किया गया है. भाजपा और हिंदू संगठनों ने उन पर महिलाओं और हिंदुत्व के अपमान का आरोप लगाते हुए माफी की मांग की थी.