नई दिल्ली: अरबपति उद्योगपति गौतम अडाणी (Gautam Adani) की अगुवाई वाले अडाणी समूह (Adani Group) ने कहा है कि दुष्प्रचार और दुर्भावना से प्रेरित झूठे ऑनलाइन अभियान के जरिये उसे निशाना बनाया जा रहा है. समूह ने कहा कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए कार्रवाई करेगा और अदालत में मामला दायर करेगा. बता दें कि किसान भी अडानी समूहों के उत्पादों के बहिष्कार की बात कहते हुए अभियान चला चुके हैं.Also Read - गौतम अडाणी और करुणा नंदी Time पत्रिका के 100 सर्वाधिक प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल

अडाणी समूह ने अपने ट्विटर हैंडल पर बयान में हालांकि किसी विशेष आरोप का जिक्र नहीं किया है. बयान में कहा गया है कि कुछ निहित स्वार्थ वाले तत्व देश के रणनीति हितों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं. समूह के ट्विटर हैंडल पर डाले गए पोस्ट ‘दुष्प्रचार के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत पर खुला पत्र’ में कहा गया है कि समूह पर इस दुष्प्रचार अभियान का असर पड़ रहा है. Also Read - हेल्थकेयर सेक्टर में उतरेगा अडानी ग्रुप, रखेगा आपकी सेहत का खयाल; अडानी हेल्थ वेंचर्स को किया शामिल

बयान में कहा गया है कि ‘सच्चाई, उद्देश्य और निष्पक्षता’ सही व संतुलित पत्रकारिता के सिद्धान्त हैं. ‘‘लेकिन कई अवसरों पर अडाणी समूह को दुष्प्रचार के जरिये निशाना बनाया जाता है. हम दुर्भावना से प्रेरित ऑनलाइन मीडिया अभियान का भी शिकार बने हैं. हमारे परिचालन को लेकर झूठा प्रचार किया जा रहा है, जिससे शेयरधारकों का नुकसान हो रहा है.’’ Also Read - अडानी समूह के साथ 6.38 अरब डॉलर का सौदा कर- मुक्त, साल की दूसरी छमाही तक पूरा होगा सौदा

गुजरात के अरबपति उद्योगपति गौतम अडाणी पर आरोप लगता रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में उन्हें अनुचित फायदा पहुंचाया जा रहा है. हाल के समय में समूह पर आरोप लगा है कि तीन विवादास्पद कृषि कानूनों से उसे लाभ होगा. भाजपा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने पिछले सप्ताह आरोप लगाया था कि अडाणी समूह पर बैंकों की गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) का 4.5 लाख करोड़ रुपये का बकाया है. हालांकि, समूह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उसने कभी बैंक कर्ज चुकाने में चूक नहीं की है.