महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को बड़ी रहत देते हुए बंबई उच्च न्यायालय ने आदर्श सोसाइटी घोटाला मामले में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल की मंजूरी को रद्द कर दिया है. उच्च न्यायालय ने कहा कि आदर्श सोसाइटी घोटाला मामले में सीबीआई चव्हाण पर मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगते वक्त उनके खिलाफ कोई नया सबूत पेश करने में नाकाम रही. यह 2 दिनों के भीतक कांग्रेस पार्टी के लिए दूसरी रहत की खबर है. बता दें कि गुरुवार को एक विशेष अदालत ने 2जी मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) की कनिमोझी समेत अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

महाराष्ट्र के राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने अप्रैल 2016 में चव्हाण के खिलाफ मुकदमा चलने के लिए मंजूरी दी थी. 2013 में तत्कालीन गवर्नर के शंकरनारायणन चव्हाण पर मुकदमा चलाने की लिए इजाजत नहीं दी थी.

बता दें कि जब यह घोटाला सामने आया था तब अशोक चव्हाण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे. उन्हें इस घोटाले की वजह से कुर्सी छोडनी पड़ी थी. उनकी जगह पृथ्वीराज चव्हाण को मुख्यमंत्री बनाया गया था. अशोक चव्हाण 2014 में नांदेड से लोकसभा चुनाव जीते थे. वह महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं.