विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में चौंकाने वाला मामला सामने आया है. एक मां ने बेटे के साथ मिलकर बेटी के शव को तीन दिन तक घर में छिपाए रखा. दोनों को उम्मीद थी कि महिला जिंदा हो जाएगी. भगवान् उसे फिर से जिंदा कर देंगे. घटना का खुलासा तब हुआ जब शव से बदबू के कारण पड़ोसी परेशान होने लगे. उन्होंने बदबू आने की शिकायत पुलिस से की. मौके पर पुलिस पहुंची तब पता चला कि शव के सड़ने के कारण बदबू आ रही थी. जबकि मृतका का भाई शव के बगल में बैठ खाना खा रहा था. उसने पूछने पर पुलिस से कहा कि उसकी बहन अभी सो रही है. पुलिस को मृतक की मां और भाई, दोनों के मानसिक रूप से बीमार होने का संदेह है.

संदिग्ध हालत में महिला की हुई थी मौत
घटना आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के जंगारेद्दीगुदम शहर में सोमवार को सामने आई है.
पुलिस के मुताबिक, 41 वर्षीय टी. अरुणा ज्योति की मौत संदिग्ध हालात में अपार्टमेंट परिसर के अंदर हुई थी. उसकी मां व भाई ने शव को फ्लैट में छिपा कर रखा था. उन्हें उम्मीद थी कि वह फिर से जिंदा हो जाएगी. अपार्टमेंट के अन्य लोगों ने फ्लैट से बदबू आने के बाद पुलिस से शिकायत की थी.

पुलिस पहुंची तो शव के पास खा रहा था खाना
अरुणा की 70 वर्षीय मां मंजुला देवी और 39 वर्षीय भाई टी.रविचंद्रन ने अपने दैनिक कार्यो को करना जारी रखा था. पुलिस के एक अधिकारी ने खुलासा किया कि जब पुलिस की टीम फ्लैट में घुसी तो रविचंद्रन शव के पास बैठकर खाना खा रहा था. उसने पुलिस को बताया कि उसकी बहन सोई हुई है. जब पुलिस ने उसे बताया कि उसकी बहन मर चुकी है तो उसने और उसकी मां ने कहा कि अगर भगवान उसकी जिंदगी ले सकते हैं तो वह वापस दे भी सकते हैं. पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को जबरन सरकारी अस्पताल पहुंचाया और महिला के अंतिम संस्कार का भी प्रबंध किया.