नागपुरः शिवसेना नेता और पहली बार विधायक बने आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर परोक्ष रूप से हमला बोलते हुए बुधवार को कहा कि उन्होंने देखा है कि सत्ता के लालच में कैसे मित्रों को नजरअंदाज कर दिया जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि चाहे कितना भी कीचड़ फैलाया गया लेकिन कमल (भाजपा का चुनाव चिह्न) को कहीं भी खिलने नहीं दिया जाएगा.

वरली से विधायक ठाकरे नवंबर में राज्य विधानसभा के संयुक्त सत्र में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के संबोधन पर विधानसभा में बोल रहे थे. इस बीच, विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस बुधवार शाम मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा दिए गए रात्रिभोज में शामिल हुए. ठाकरे ने राज्य के सभी विधायकों को रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया था. अधिकारियों ने बताया कि पिछले कई दशकों में यह संभवत: पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री ने इस तरह का रात्रिभोज दिया हो.

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मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ने अपने संबोधन में किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन उनका इसारा पूरी तरह से पुरानी सहयोगी पार्टी भाजपा की तरफ था. गौरततलब है कि विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद शिवसेना 50-50 की मांग पर अड़ गई थी. इसमें शिवसेना ने मांग की थी कि आधे कार्यकाल के लिए शिवसेना का भी सीएम होना चाहिए.

सीएम पद पर अड़ी शिवसेना से भाजपा की दूरिया बढ़ती गई और इस बीच शिवसेना ने कांग्रेस और रांकापा के साथ गठबंधन कर लिया. आदित्य ठाकरे ने कहा कि सत्ता का लालच पुराने से पुराने संबंधों को भी खत्म कर देता है.