तिरुवनंतपुरम: केरल के अलग-अलग हिस्सों में गुरूवार को कहर बनकर बरसी भारी बारिश और भूस्खलन की घटना में कम से कम 20 लोग हताहत हो गए. आपदा नियंत्रण कक्ष के सूत्रों के मुताबिक इडुक्की इलाके में हुए भूस्खलन में 10 लोगों की मौत हो गई. वहीँ मलप्पुरम में पांच, कन्नूर में दो और वायनाड जिले में एक व्यक्ति की मौत हो गई. वायनाड, पलक्कड ओर कोझिकोड जिलों में एक-एक व्यक्ति लापता हैं. निचले इलाके में डूब के खतरे को देखते हुए 100 अधिक घर खाली कराए गए. लगभग 1 हजार लोगों को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया.

निचले इलाके के लोगों को राहत शिविरों में विस्थापित किया गया
इडुक्की के अडीमाली शहर में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई. पुलिस तथा स्थानीय लोगों ने मलबे से दो लोगों को जिंदा बाहर निकाला. इदामालयर बांध से आज सुबह करीब 600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया जिससे जल स्तर 169.95 मीटर पर पहुंच गया. इडुक्की बांध में आज सुबह आठ बजे तक जल स्तर 2,398 फीट था जो जलाशय के पूर्ण स्तर के मुकाबले 50 फीट अधिक था. प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

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डूब के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने केरल के परवुर ताल्लुक में 100 से अधिक घरों को खाली करा लिया है और विस्थापितों को राहत शिविरों में स्थानांतरित कर दिया है. प्रशासन ने फौरी तौर पर दर्जन भर  शिविरों का इंतजाम किया है जिनमें लगभग 951 लोगों को पुनर्वासित किया गया है. पाथलम और एलूर जैसे निचले इलाके पूरी तरह से  पानी में डूब गए हैं.

कोझिकोड और वायनाड जिलों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) का एक दल कोझिकोड पहुंच गया है. केंद्र से उत्तर केरल के लिए दो टीमें भेजने के लिए कहा गया है. बारिश के कारण इडुक्की, कोल्लम और कुछ अन्य जिलों में शैक्षिक संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है. (इनपुट एजेंसी)