नई दिल्ली: स्कूलों द्वारा छात्रों के प्रवेश पत्र रोकने के मामले में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने चेतावनी जारी की है. सीबीएसई ने कहा कि स्कूल बोर्ड परीक्षा देने की योग्यता रखने वाले किसी भी परीक्षार्थी का प्रवेश पत्र नहीं रोका जा सकता है . सीबीएसई ने संबद्ध स्कूलों को जारी परामर्श में कहा है कि उसके ध्यान में कुछ ऐसी घटनाएं आई हैं जिसमें कुछ स्कूलों ने प्री बोर्ड टेस्ट में विद्यार्थियों के प्रदर्शन का हवाला देते हुए कई बोर्ड परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र रोका है. इसके अलावा कुछ स्कूलों की ओर से प्रवेश पत्र जारी करने के ऐवज में फीस वसूली जा रही है .Also Read - CBSE Board Exam 2021 Date: सीबीएसई बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर, पेपर के दिन ही होगा मूल्यांकन; इस राज्य में भी होंगे एग्जाम

इसमें कहा गया है कि स्कूलों की ओर से परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र रोकने की घटना को बोर्ड गंभीर मामला है . यह सीबीएसई के नियमों की अनदेखी है . Also Read - UPTET Exam 2021/Sarkari Naukari: 28 नवंबर को होगी यूपीटीईटी की परीक्षा, यहां जाने परीक्षा का पैटर्न

सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक के के चौधरी की ओर से जारी परामर्श में कहा गया है कि बोर्ड की ओर से दसवीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र तभी जारी किया जात है जब स्कूल की ओर से विद्यार्थी को योग्य माना जाता है और उसकी सूची तैयार करके उसे बोर्ड को भेजा जाता है. इसके बाद इस तरह से विद्यार्थियों का प्रवेश पत्र रोकना गलत है. स्कूल किसी भी योग्य परीक्षार्थी को न तो प्रैक्टिकल और न ही थ्योरी परीक्षा में बैठने से रोक सकता है. Also Read - CBSE, CISCE 10th 12th Board Exam Update: 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षार्थियों को झटका! नहीं मिलेगी ये छूट...

(भाषा इनपुट के साथ)