नई दिल्ली: स्कूलों द्वारा छात्रों के प्रवेश पत्र रोकने के मामले में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने चेतावनी जारी की है. सीबीएसई ने कहा कि स्कूल बोर्ड परीक्षा देने की योग्यता रखने वाले किसी भी परीक्षार्थी का प्रवेश पत्र नहीं रोका जा सकता है . सीबीएसई ने संबद्ध स्कूलों को जारी परामर्श में कहा है कि उसके ध्यान में कुछ ऐसी घटनाएं आई हैं जिसमें कुछ स्कूलों ने प्री बोर्ड टेस्ट में विद्यार्थियों के प्रदर्शन का हवाला देते हुए कई बोर्ड परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र रोका है. इसके अलावा कुछ स्कूलों की ओर से प्रवेश पत्र जारी करने के ऐवज में फीस वसूली जा रही है . Also Read - CBSE CTET 2020 Exam Latest News:सीबीएसई ने फिर से CTET परीक्षा को लेकर शेयर किया यह जानकारी, जानिए पूरी डिटेल 

इसमें कहा गया है कि स्कूलों की ओर से परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र रोकने की घटना को बोर्ड गंभीर मामला है . यह सीबीएसई के नियमों की अनदेखी है . Also Read - सुप्रीम कोर्ट ने कहा-  CISCE मध्य जुलाई तक जारी करें रिजल्ट, मार्किंग का आधार CBSE से हो अलग 

सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक के के चौधरी की ओर से जारी परामर्श में कहा गया है कि बोर्ड की ओर से दसवीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र तभी जारी किया जात है जब स्कूल की ओर से विद्यार्थी को योग्य माना जाता है और उसकी सूची तैयार करके उसे बोर्ड को भेजा जाता है. इसके बाद इस तरह से विद्यार्थियों का प्रवेश पत्र रोकना गलत है. स्कूल किसी भी योग्य परीक्षार्थी को न तो प्रैक्टिकल और न ही थ्योरी परीक्षा में बैठने से रोक सकता है. Also Read - CBSE 10th, 12th Result 2020: सीबीएसई 15 जुलाई तक जारी कर सकता है 10वीं,12वीं का रिजल्ट, जानिए किस आधार पर होगी मार्किंग

(भाषा इनपुट के साथ)