आइजोल: मिजोरम में करीब 10 साल के अंतराल के बाद मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने सत्ता में वापसी की है. प्रदेश की 40 सदस्यीय विधानसभा में एमएनएफ ने अंतिम जानकारी तक 24 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है और दो अन्य पर वह आगे चल रही है. कांग्रेस को इन चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा. मिजो नेशनल फ्रंट ने 2008 में सत्ता पर अपनी पकड़ गंवा दी थी. वहीं, ईसाई बहुल इस राज्य में भाजपा ने अपना खाता खोल दिया.
मिजोरम चुनावों के नतीजे आने के साथ ही पूर्वोत्तर के सातों राज्यों में कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई है. कांग्रेस ने 2013 के विधानसभा चुनावों में 34 सीटों पर जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार उसके खाते में सिर्फ पांच सीटें आईं.
मुख्यमंत्री लल थनहवला ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और उन्हें दोनों ही सीटों पर शिकस्त का सामना करना पड़ा. थनहवला ने सेरसिप और चंपाई दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था. मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के सूत्रों ने कहा कि जल्द थनहवला अपना इस्तीफा राज्यपाल कुम्मानम राजशेखरन को सौंप देंगें. मिजोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) ने पांच सीटें जीतीं और तीन अन्य पर आगे है.
ईसाई बहुल इस राज्य में भाजपा ने अपना खाता खोल दिया है और पार्टी उम्मीदवार व पूर्व मंत्री बुद्ध धन चकमा ने चकमा बहुल दक्षिण मिजोरम की लावंगतलाई जिले के तुईचवांग सीट से जीत दर्ज की. एमएनएफ के एफ ललनूनमवाई ने प्रदेश के कृषि मंत्री के एस थंगा को आइजोल दक्षिण-3 सीट से 2037 मतों के अंतर से हराया. विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एमएनएफ के ललचामलियाना ने एक मात्र महिला विधायक और सहकारी मंत्री वनललावपुई चावंगथू को हरंगतूर्जो सीट से हराया.
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