Mother Dairy Milk Price Hike: देशभर के उपभोक्ताओं को अब दूध के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी. देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों मदर डेयरी (Mother Dairy) और अमूल (Amul) ने दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. दोनों बड़ी डेयरी कंपनियों की तरफ से ये बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब पशु चारे, ईंधन, पैकेजिंग सामग्री और किसानों से दूध खरीदने की लागत लगातार बढ़ रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये बढ़ोतरी कंपनियों के कई प्रमुख दूध वेरिएंट्स पर लागू होगी.
अमूल ने बयान जारी कर कहा कि पशु चारे, दूध पैकेजिंग फिल्म और ईंधन की लागत में ‘काफी वृद्धि’ हुई है, जिसके चलते कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया था. कंपनी ने ये भी बताया कि उसके सदस्य यूनियनों ने किसानों को दिए जाने वाले दूध खरीद मूल्य में 30 रुपये प्रति किलो फैट की बढ़ोतरी की है, जो मई 2025 के मुकाबले लगभग 3.7 प्रतिशत ज्यादा है.
नई कीमतों के बाद अमूल के ताजा पाउच दूध वेरिएंट्स की कीमतों में लगभग 2.5 से 3.5 प्रतिशत तक का इजाफा होगा. अमूल गोल्ड, ताजा, काउ मिल्क, भैंस का दूध, शक्ति और टी स्पेशल जैसे लोकप्रिय उत्पाद अब महंगे हो जाएंगे. उदाहरण के तौर पर, अमूल काउ मिल्क (500 ml), जिसकी कीमत पहले 29 रुपये थी, अब 30 रुपये में मिलेगा. वहीं, अमूल शक्ति दूध (500 ml) की कीमत 31 रुपये से बढ़कर 32 रुपये हो जाएगी.
गौरतलब है कि अमूल ने इससे पहले 1 मई 2025 को दूध की कीमतों में बदलाव किया था. लगातार बढ़ती महंगाई के बीच दूध के दाम बढ़ने से आम परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त असर पड़ सकता है.
मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर अपनी सफाई दी है. कंपनी का कहना है कि ये बढ़ोतरी बढ़ती लागत का केवल आंशिक असर ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए की गई है, ताकि किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के हितों के बीच संतुलन बनाया जा सके. मदर डेयरी ने अपने प्रमुख दूध वेरिएंट्स की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है. कंपनी के अनुसार, पशु चारा, ईंधन, परिवहन और पैकेजिंग सामग्री की लागत लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण यह फैसला लेना पड़ा.
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि ये संशोधन बढ़ी हुई लागत का केवल आंशिक हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए किया गया है और इसका मकसद किसानों के कल्याण और उपभोक्ताओं के हितों के बीच उचित संतुलन बनाए रखना है. मदर डेयरी का कहना है कि डेयरी किसानों की लागत तेजी से बढ़ी है. पशुओं के रखरखाव और दूध उत्पादन में खर्च बढ़ने के कारण किसानों को बेहतर भुगतान देना जरूरी हो गया था. हालांकि, कंपनी ने ये भी कहा कि उसने पूरी लागत ग्राहकों पर नहीं डाली है, ताकि आम लोगों पर ज्यादा बोझ न पड़े.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.