नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के एक दिन बाद रविवार को प्रमुख हिंदू और मुस्लिम धार्मिक नेताओं के साथ बैठक की. अधिकारियों ने इस बारे में बताया. उन्होंने बताया कि धार्मिक नेताओं ने शांति और सद्भाव बनाए रखने के सभी प्रयासों में सरकार को निरंतर समर्थन देने का संकल्प जताया. कुछ राष्ट्र विरोधी तत्वों द्वारा हालात का फायदा उठाने की कोशिश की आशंका के बीच उन्होंने अमन-चैन बनाए रखने की अपील की.
Joint statement by religious leaders after meeting National Security Advisor Ajit Doval: The interaction helped to strengthen communication between top religious leaders to maintain a spirit of amity & brotherhood amongst all communities. #AyodhyaJudgment pic.twitter.com/Ma4dmd4WjI
— ANI (@ANI) November 10, 2019
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के आवास पर रविवार को हुई अंतर धार्मिक बैठक में शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद व स्वामी चिदानंद सरस्वती मौजूद थे. वहां बाबा रामदेव व स्वामी परमात्मानंद भी मौजूद रहे. मजलिस-ए-मुशावरत के नावेद हामिद और जमात-ए-इस्लामी हिंद के सलीम इंजीनियर भी बैठक का हिस्सा रहे. यह बैठक अवधेशानंद गिरी, स्वामी परमात्मानंद व बाबा रामदेव के साथ एनएसए की बैठक के एक दिन बाद हुई है. शनिवार की बैठक अयोध्या फैसले पर चर्चा के लिए हुई थी, जो एक घंटे तक चली थी.
शांति के संदेश को बढ़ावा देने के लिए हुई बैठक
रविवार की अंतर धार्मिक बैठक अयोध्या फैसले के बाद खास तौर से शांति के संदेश को बढ़ावा देने के लिए हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या में विवादित भूमि पर राम मंदिर के निर्माण के पक्ष में फैसला दिया था. (इनपुट एजेंसी)
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