Digital Arrest: आम तौर पर आपने देखा होगा की डिजिटल अरेस्ट के मामलो में वीडियो कॉलिंग के जरिये ठगी को अंजाम दिया जाता है. वीडियो कॉल में फर्जी पुलिस थाना और अफसर दिखाए जाते हैं. इस बार अलग तरह से साइबर ठगी का मामला सामने आया है. चंडीगढ़ के सेक्टर-2 में भारतीय सेना से रिटायर्ड कर्नल के साथ 3 करोड़ 41 लाख की ठगी की गई है. करीब 10 से 12 दिन तक उन्हें डिजिटल अरेस्ट रखा गया और ठगी की गई. इससे पहले उन्होंने अपने दो बेटों को भी खो चुका है और अब करोड़ों की ठगी ने दोनों पति-पत्नी को पूरी तरह से तोड़ दिया है.
यह धोखाधड़ी 18 मार्च को हुई, जब बाजवा को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया और कॉल करने वाले ने उन पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया. घोटालेबाज ने दावा किया कि बाजवा ने कथित तौर पर जेट एयरवेज के जेल में बंद मालिक नरेश गोयल को अपने बैंक खाते का विवरण ₹5 लाख में बेच दिया था और ₹2 करोड़ की लॉन्ड्रिंग के लिए कमीशन के रूप में अतिरिक्त ₹20 लाख प्राप्त किए थे.
अपनी योजना को सही दिखाने के लिए, जालसाजों ने बाजवा को वीडियो कॉल पर अपना कार्ड दिखाया और दावा किया कि वे 5,038 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच कर रहे हैं. उन्होंने 24 कथित पीड़ितों की तस्वीरें भी भेजीं, जिसमें कहा गया कि उनमें से एक ने आत्महत्या कर ली है, और झूठा दावा किया कि गोयल ने एक व्हिसलब्लोअर और उनके पूरे परिवार की हत्या कर दी है.
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित दंपति का नाम कर्नल दलीप सिंह (सेवानिवृत्त) और उनकी पत्नी रणविंदर कौर बाजवा (74) है. कुछ समय पहले ही उनके दो बेटों की मौत हो गई थी. रिटायर्ड कर्नल ने कहा, ‘युवा होने के नाते मैंने अपना जीवन राष्ट्र की सेवा में समर्पित कर दिया. अब अपने जीवन के अंतिम वर्षों में धोखेबाजों के हाथों अपना सब कुछ खो दिया है. यह एक क्रूर विडंबना है. मेरी एकमात्र उम्मीद चंडीगढ़ साइबर सेल पर टिकी है.’
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