पहलगाम हमले पर बयान देकर फंसे राकेश टिकैत, जनता से पड़ीं लाठियां ; हमले के बीच सिर से उतरी पगड़ी

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर पूरे देश में आक्रोश है. इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में (BKU) यानी की भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत को भारी विरोध का सामना करना पड़ा है.

Published date india.com Published: May 3, 2025 1:22 PM IST
पहलगाम हमले पर बयान देकर फंसे राकेश टिकैत, जनता से पड़ीं लाठियां ; हमले के बीच सिर से उतरी पगड़ी

Pahalgam Terrorist Attack: भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर उनके बयान ने देशभर में हंगामा मचा दिया है. इस बयान के विरोध में मुजफ्फरनगर में एक रैली के दौरान गुस्साई भीड़ ने राकेश टिकैत के साथ धक्का-मुक्की की, उनकी पगड़ी उतार दी और कुछ लोगों ने उन पर लाठी से हमला भी किया.
बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। इस हमले के बाद राकेश टिकैत ने करनाल में एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा, ‘चोर पाकिस्तान में नहीं, यहीं हैं. उन्होंने हमले को एक साजिश बताया और पाकिस्तान को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराने से इनकार किया. चलिए जानते हैं उनका पूरा बयान

पहलगाम अटैक को लेकर क्या बोले राकेश टिकैत?

राकेश टिकैत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर बयान दिया था, ‘इस घटना से किसे फायदा हो रहा है? चोर आपके बीच में है, पाकिस्तान में नहीं. कौन हिंदू-मुस्लिम कर रहा है, जवाब उसी के पास है.’ राकेश टिकैत के इस बयान में उन्होंने हमले के पीछे आंतरिक साजिश का इशारा किया था.

इससे पहले उनके भाई नरेश टिकैत ने भी कहा था कि पूरे पाकिस्तान को आतंकी हमले का दोषी ठहराना ठीक नहीं है. इन बयानों से देशभर में गुस्सा भड़क उठा. लोगों ने इसे शहीदों का अपमान और देश की सुरक्षा के खिलाफ बयान बताया.

मुजफ्फरनगर में भड़का गुस्सा

मुजफ्फरनगर में 2 मई को पहलगाम हमले के विरोध में एक जन आक्रोश रैली निकाली गई थी. इस रैली में राकेश टिकैत भी शामिल हुए. लेकिन जैसे ही लोगों को पता चला कि टिकैत वहां मौजूद हैं, भीड़ ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. “वापस जाओ” के नारे लगाए गए. गुस्साई भीड़ ने टिकैत को घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी. इस दौरान किसी ने उनके सिर पर झंडा मारा, जिससे उनकी पगड़ी जमीन पर गिर गई. कुछ लोगों ने लाठी से भी हमला किया. पुलिस ने टिकैत को भीड़ से बचाकर सुरक्षित निकाला.

हमले को दबाने की साजिश

इस घटना के बाद राकेश टिकैत ने कहा, ‘यह हमला किसान आंदोलन को दबाने की साजिश है. कुछ लोग मेरे बयान का गलत मतलब निकाल रहे हैं. मैंने सिर्फ इतना कहा था कि हमले के पीछे साजिश हो सकती है.’उन्होंने अपने विरोधियों को ‘नए हिंदू” कहकर निशाना साधा और कहा कि उन्हें जवाब मिलेगा.

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