नई दिल्ली. शिवसेना पिछले काफी समय से बीजेपी पर आरोप लगा रही है कि एनडीए में शामिल दलों के साथ उसका व्यवहार ठीक नहीं है. लेकिन अब एनडीए में शामिल वह अकेला दल नहीं है जो बीजेपी को सीधे संदेश दे रहा है. गुरुवार को उपचुनाव में बीजेपी की हार के कुछ घंटे बाद ही बिहार से भी कुछ प्रतिकूल आवाज सुनाई दी. राजद और कांग्रेस के साथ बने महागठबंधन को छोड़ बीजेपी के साथ सरकार चला रहे जेडीयू ने भी अपनी आवाज बुलंद की है. एनडीए के कई दलों ने चेताया है कि समय रहते अगर कई मुद्दों पर काम नहीं किया गया तो 2019 में इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.

बिहार में जेडीयू कर रही आवाज बुलंद
नीतीश ने बीजेपी से कहा है कि सरकार के खिलाफ पूरे देश में कई मुद्दे पर काफी अंसतोष है, जिसे हैंडल करने की जरूरत है. इसमें बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दाम भी हैं. वह यह भी चाहते हैं बीजेपी अपने सहयोगी दलों को ग्रांटेड न ले. बिहार में हुए उपचुनाव में आरजेडी से हारने के बाद जदयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा, एनडीए एक बड़ा गठबंधन है. हम आशा करते हैं कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह सबसे बड़े सहयोगी के तौर पर दूसरे सहयोगी दलों के साथ बेहतर बातचीत के लिए प्रयास करेंगे.

उपेंद्र कुशवाहा हैं मुखर
बिहार में बीजेपी का दूसरा पार्टनर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) बहुत अधिक मुखर है. उसने बीजेपी से कहा है कि वह गठबंधन की पार्टियों के साथ बड़े भाई जैसा रवैया अपनाए और एनडीए के भीतर समन्वय स्थापित करने का काम करे. पार्टी के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, इसमें कुछ छिपा नहीं है कि कुछ समय से एनडीए में असंतोष पैदा हुआ है. मुझे आशा है कि बीजेपी हाई कमांड बेहतर रवैया अपनाएगा और वह साथ बैठकर राज्य में गठबंधन को मजबूत करने के लिए बेहतर नीति बनाएगा.

चंद्रबाबू नायडू अलग ही हो चुके हैं
बता दें कि पिछले कुछ महीने में एनडीए गठबंधन में शामिल दूसरे दलों ने भी शिकायत की है कि सहयोगियों को डील करने का बीजेपी का तरीका बेहतर नहीं है. मार्च में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू एनडीए से अलग हो गए थे. वहीं शिवसेना लगातार बीजेपी की आलोचना कर रही है.