पटना। 2019 आम चुनाव से पहले सियासी बयानबाजियों और नए समीकरणों के बीच अब जेडीयू ने भी बीजेपी की तरफ इशारा कर दिया है कि वह अपनी विचारधारा से कतई समझौता नहीं करेगी. एक कार्यक्रम में बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि हम भ्रष्टाचार से समझौता नहीं कर सकते ,इस बारे में हमारी नीति साफ है. इसके साथ ही हम पूरी तरह सामाजिक और सांप्रदायिक सदभाव के पक्षधर हैं क्योंकि हमारा मानना है कि यह देश प्रेम, सहिष्णुता और सदभावना से ही आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी काम और जनता की सेवा करने में विश्वास रखती है और हम कभी भी वोट को सामने रखकर कोई काम नहीं करते हैं.

नीतीश बोले, हमें वोट की चिंता नहीं

हिंदुस्तानी अवामी मोर्चा के एक धड़े के जेडीयू में शामिल होने के अवसर पर संवाददाताओं से बातचीत में नीतीश ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों की ओर इशारा करते हुए कहा कि हम वोट की चिंता नहीं करते. हम लोगों की चिंता करते हैं. हमारा लक्ष्य यह है कि सदभाव कायम रहे. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश ने बीजेपी के साथ अपनी पार्टी के गठबंधन की ओर इशारा करते हुए कहा कि इससे हमारी मूल अवधारणा में कोई बदलाव नहीं आया है.

बिहार में हार के बाद गिरिराज सिंह ने कहा- अररिया में RJD की जीत देश के लिए खतरा

बिहार में हार के बाद गिरिराज सिंह ने कहा- अररिया में RJD की जीत देश के लिए खतरा

उन्होंने कहा कि आज भी हम सांप्रदायिक और सामाजिक सदभाव के पक्षधर हैं और यह कायम रहे इसके लिए हर समय प्रयत्न करते हैं और समाज के सभी तबकों के उत्थान के लिए काम करते हैं. केंद्र सरकार में मंत्री और एनडीए में शामिल लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान के बीजेपी से अल्पसंख्यकों को लेकर अपनी सोच में बदलाव लाने की बात कहे जाने के बारे में पूछने पर नीतीश ने कहा कि उन्होंने जो कुछ कहा वह बिना सोचे समझे तो नहीं कहा होगा.

उन्होंने कहा कि इस विषय पर हमारी राय साफ है और इसमें कोई परिवर्तन नहीं आया है. यह पूछे जाने पर कि क्या बीजेपी को इस विषय पर सोचना चाहिए नीतीश ने कहा कि उसके बारे में उसे खुद सोचना है. उन्होंने कहा कि हर पार्टी का अपना अपना निर्णय होता है पर एक बात जान लीजिए यह देश प्रेम, सहिष्णुता और सदभावना से ही आगे बढ़ेगा. कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा खुद को पांडव बताने और बीजेपी को कौरव की संज्ञा दिए जाने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि सभी दलों की अपनी सोच है.

अररिया में भाजपा का वोट बढ़ा, फिर भी क्यों हुई हार, ये हैं प्रमुख कारण

अररिया में भाजपा का वोट बढ़ा, फिर भी क्यों हुई हार, ये हैं प्रमुख कारण

अररिया में हार से बदले हालात
नीतीश कुमार का बयान इस मायने में बेहद अहम है कि हाल ही में लोकसभा उपचुनावों में बीजेपी को करारी हार मिली है. गठबंधन के बावजूद अररिया में बीजेपी उम्मीदवार को आरजेडी के हाथों हार मिली. हालांकि ये सीट पहले से ही आरजेडी के कब्जे में थी. बिहार के अररिया लोकसभा उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी नेता गिरिराज सिंह सहित कुछ और नेताओं ने सख्त बयान दिए थे. गिरिराज ने तो साफ कहा था कि अररिया आतंकियों का गढ़ बनने जा रहा है. उनके इस बयान पर खासा विवाद भी मचा था. बिहार से राज्यसभा सांसद गोपाल नारायण सिंह ने कहा है कि वह लंबे समय से इस मसले को उठा रहे हैं कि किशनगंज, कटिहार और अररिया धीरे-धीरे पाकिस्तान बन रहे हैं. लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही. कुछ नेताओं की सोच और वोट बैंक की राजनीति ने बिहार को तबाही के कगार पर ला दिया है. इससे पहले एनडीए सरकार में सहयोगी एलजेपी प्रमुख रामविलास पासवान ने भी सरकार को अल्पसंख्यकों को लेकर अपनी सोच बदलने की नसीहत दी थी.
(भाषा इनपुट)