नई दिल्ली: पंजाब में सीएम अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) ने इस्तीफ़ा दे दिया है. अमरिंदर सिंह ने पूरी कैबिनेट के साथ इस्तीफ़ा दिया है. इसके बाद से पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) की राजनीति में उबाल आ गया है. पंजाब में कुछ महीने में ही विधानसभा चुनाव होने हैं. इस्तीफा देने के बाद अमरिंदर सिंह ने अपने इस्तीफे और कांग्रेस को लेकर कई बातें कही हैं.Also Read - Income Tax Raid In Punjab: आयकर विभाग ने चलाया पंजाब में तलाशी और जब्ती अभियान, समूह पर है 90 करोड़ के गबन का आरोप

अमरिंदर सिंह ने कहा कि ‘मैंने पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष को इस्तीफे के बारे में बता दिया था. अगर उन्हें शक था कि मैं सरकार नहीं चला पा रहा हूँ तो उन्हें मुझे बता देना चाहिए था. मैंने अपमानित महसूस किया. कांग्रेस नेतृत्व को जिस पर विश्वास हो, उसे सीएम बनाएं.’ Also Read - ISI के साथ रिश्‍तों के आरोपों की जांच में भारतीय एजेंसियों का सहयोग करने को तैयार हूं: अरूसा आलम

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क्या नए सीएम को वह स्वीकार करेंगे? इस सवाल पर अमरिंदर सिंह ने कहा कि मुझे बहुत लोगों ने समर्थन दिया है. मैं साढ़े नौ साल सीएम रहा. कई दशक से राजनीति में हूँ, इसलिए मैं पहले अपने लोगों से बात करूँगा, इसके बाद इस बारे में कुछ कहूँगा. हालाँकि अमरिंदर सिंह ने कहा कि मैं कांग्रेस में हूँ, लेकिन आगे की रणनीति अपने लोगों के साथ मीटिंग के बाद ही तय होगी.

अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू में पिछले कई महीनों में तनाव देखा जा रहा था. सिद्धू को कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष बनाया था, जबकि अमरिंदर सिंह ऐसा नहीं चाह रहे थे. सिद्धू कई मौकों पर अमरिंदर पर निशाना साध चुके थे. आलाकमान ने कई बार इसमें हस्तक्षेप किया, आखिरकार अमरिंदर सिंह ने इस्तीफ़ा ही दे दिया है.