नई दिल्लीः केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) और स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन (Dr. Harsh Vardhan) ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिेए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉक्टरों से बात की, जिसके बाद गृहमंत्री के आश्वासन के बाद आईएमए ने अपना सांकेतिक प्रदर्शन वापस ले लिया है. Also Read - कोरोना: भारत में एक दिन में सामने आए रिकॉर्ड मामले, संक्रमितों की संख्या 2 लाख सात हज़ार पार

दरअसल, डॉक्टरों पर लगातार हो रहे हमले के विरोध में आईएमए ने 22 अप्रैल को रात 9 बजे काला दिवस मनाने का फैसला लिया था, जिसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गृहमंत्री अमित शाह ने डॉक्टरों से बात की और उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया. जिसके बाद आईएमए ने अपना सांकेतिक प्रदर्शन का फैसला वापस ले लिया. Also Read - थूक के इस्‍तेमाल पर रोक से बिगड़ेगा गेंद-बल्‍ले का संतुलन, अनिल कुंबले का सुझाव, पिच में हो बदलाव

इस मीटिंग में अमित शाह ने कहा कि, ‘डॉक्टरों की सुरक्षा और प्रतिष्ठा से सरकार कोई समझौता नहीं करेगी. डॉक्टर्स के लिए हर उनके कार्यस्थल और अन्य जगहों पर अनुकूल माहौल सुनिश्चित करना सरकार की ही नहीं सामाजिक जिम्मेदारी भी है. मैंने डॉक्टरों को आश्वासन दिया है कि मोदी सरकार डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.’

बता दें देश में इन दिनों कोरोना वायरस के बीच डॉक्टर्स और पुलिसकर्मी अपनी जान संकट में डालकर देश की सेवा कर रहे हैं. लेकिन, इस बीच कई जगह से स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मियों पर हमले की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. कई जगह लोग स्वास्थ्यकर्मियों के उनके घर आने तक पर आपत्ति जता रहे हैं. जिसके चलते इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने नाराजगी जाहिर करते हुए विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था.

आईएमए ने कहा था कि, सरकार को ना सिर्फ कार्यस्थल बल्कि अन्य जगहों पर भी हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहिए. स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हो रही हिंसा बंद होनी चाहिए. बता दें इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इस संबंध में व्हाइट अलर्ट भी जारी किया था. आईएमए ने सभी स्वास्थ्यकर्मियों से 22 अप्रैल रात 9 बजे मोमबत्ती जलाकर विरोध प्रदर्शन की अपील की थी. जिसके बाद गृहमंत्री अमित शाह ने खुद आईएमए से बात करके उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के बात कही और साथ ही विरोध प्रदर्शन का फैसला वापस लेने की भी अपील की.