नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा मणिपुर, मेघालय व हरियाणा में कई जगहों पर 332 करोड़ रुपये के सरकारी विकास फंड के दुरुपयोग को लेकर तलाशी के घंटेभर बाद मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओ. इबोबी सिंह ने इस कदम का स्वागत किया और कहा कि वह एजेंसी के साथ सहयोग करेंगे. इबोबी सिंह ने कहा, “मैं इसका स्वागत करता हूं. मैंने यह भी कहा कि अगर वे सोचते हैं कि मैंने कुछ गलत किया है तो यह जांच से साबित हो सकता है.” इबोबी सिंह अभी दिल्ली में हैं.

उन्होंने कहा, “सिर्फ सीबीआई ही नहीं, ईडी व एनआईए का भी स्वागत है और जांच में मैं उन्हें पूरा सहयोग दूंगा.” उनकी यह टिप्पणी सीबीआई द्वारा शुक्रवार को आइजोल, इंफाल व गुरुग्राम में नौ जगहों पर तलाशी के बाद आई है. सीबीआई ने उन लोगों के नामों का खुलासा नहीं किया, जिनके ठिकानों पर छापे मारे गए.

सीबीआई ने मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री व मणिपुर डेवलपमेंट सोसाइटी (एमडीएस) के तत्कालीन अध्यक्ष ओ. इबोबी सिंह, एमडीएस के पूर्व निदेशक वाई. निंगेथम सिंह, रिटायर्ड आईएस अधिकारी व तत्कालीन एमडीएस चेयरमैन डी.एस. पुनिया, रिटार्य आईएएस अधिकारी व एमडीएस के तत्कालीन चेयरमैन पी.सी. लॉमुकग्ना, रिटार्य आईएस अधिकारी ओ. नबकिशोर सिंह, एमडीएस के प्रशासनिक अधिकारी एस. रंजीत सिंह और अन्य के खिलाफ मणिपुर सरकार के अनुरोध पर और केंद्र सरकार की आगे की अधिसूचना के आधार पर मामला दर्ज किया है.

सीबीआई ने कहा कि यह आरोप लगाया गया कि 30 जून 2006 से जुलाई 2017 तक मणिपुर डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष के रूप में काम करने वाले आरोपियों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर 555 करोड़ रुपये की कुल राशि में से 332 करोड़ रुपये की सरकारी धन की हेराफेरी की, जिसे उन्हें कार्य निष्पादन के उद्देश्य से सौंपा गया था.

(इनपुट-आईएएनएस)