अहमदाबाद: गिर के डलखानिया रेंज में 14 शेरों की बीमारी से हुई मौत के बाद वन विभाग ने शेरों को बचाने के अभियान में तेजी लाते हुए गुजरात राज्य के गिर वन में डलखानिया रेंज से 26 और शेरों को पकड़ कर एक बचाव केन्द्र में भर्ती कराया है.
460 शेरों की हुई स्कैनिंग
गिर में शेरों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है जिसे लेकर वन विभाग में खासी अफरा तफरी मची हुई है. शेरों की मॉनिटरिंग और स्कैनिंग के लिए गिर के जंगल में 140 टीम बनाई गई हैं जिसके 585 कर्मचारियों के जरिए रेंज के शेरों पर नजर रखी जा रही है. वन विभाग के एक अधिकारी ने रविवार को मीडिया को यह जानकारी देते हुए बताया कि 14 शेरों की मौत के बाद यह अभियान को और तेज कर दिया गया है.
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जूनागढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य के मुख्य वन संरक्षक डी टी वासवदा के मुताबिक गिर के जंगल और आस-पास के इलाके में 460 शेरों की स्कैनिंग के दौरान 7 और शेर बीमार पाए गए हैं. उन्होंने बताया कि इन बीमार शेरों को गिर फॉरेस्ट रेस्क्यू टीम के जरिए मेडिकल ट्रीटमेंट दिया जा रहा है. इन 7 बीमार शेरों में 3 नर, 3 मादा शेर व एक शावक है.
कड़ी निगरानी कर रहा विभाग
गिर-पूर्वी संभाग में डलखानिया रेंज और इसके आसपास 11 शेरों की मौत के बाद 24 सितंबर को वन विभाग ने गिर वन में शेरों की पहचान और बचाव के लिए एक अभियान चलाया था. लेकिन पिछले सप्ताह अभियान के दौरान तीन और शेर मारे गए जिससे मृत शेरों की संख्या 14 हो गई. वन विभाग का दावा है कि जब शेरों को भर्ती कराया गया था तो वे पहले से ही गंभीर रूप से बीमार थे और काफी प्रयासों के बाद भी उन्हें बचाया न जा सका हालांकि भर्ती कराए गए अन्य शेरों के स्वास्थ्य की कड़ी निगरानी की जा रही है.
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गौरतलब है कि इसी रेंज में मृत पाए गए 11 शेर के बाद इलाज के दोरान 3 और शेरों की मौत हो गई. वन विभाग के अधिकारी के मुताबिक इससे पहले ट्रीटमेंट के दौरान जिन दो शेरों की मौत हुई थी उनका विसरा वेटनरी कॉलेज जूनागढ़ के मॉलिक्यूलर बायोलॉजी में जांच के लिए भेजा गया है. उन्होंने बताया कि शेरों की मौत के बाद रेंज के अन्य शेरों को ट्रैक किया जा रहा है साथ ही अन्य वन्य प्राणियों के वैक्सीनेशन पर भी विभाग नजर रखे हुए है.
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