चंडीगढ़: लगभग एक साल की ‘चुप्पी’ के बाद आखिरकार राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए, पंजाब के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर कृषि विधेयकों को लेकर जमकर निशाना साधा. प्रदर्शनकारी किसानों के समर्थन में आते हुए, सिद्धू ने कहा, “खेती पंजाब की आत्मा है और आत्मा पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.” Also Read - केंद्र के एग्रीकल्‍चर एक्‍ट को निष्‍प्रभावी करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने कृषि उपज मंडी संशोधन बिल 2020 पारित किया

लोकसभा में गुरुवार को ध्वनिमत से दो कृषि विधेयक पारित किए गए. उन्होंने ट्वीट कर कहा, “खेती पंजाब की आत्मा है. शरीर पर घाव ठीक हो सकते हैं, लेकिन आत्मा के घाव बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और माफ नहीं किया जाएगा.” Also Read - ED ने पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह के बेटे को भेजा नोटिस, बेनामी विदेशी संपत्ति मामले में होगी पूछताछ

सिद्धू ने कहा कि किसान “हर पंजाबी का गौरव और पहचान हैं.” सिद्धू ने किसानों से सरकार के खिलाफ संघर्ष की तैयारी करने को कहा, जिसने उनके अधिकार छीन लिए. Also Read - Loan Moratorium Cashback: Lockdown के दौरान EMI चुकाने वालों को 5 नवंबर तक मिल जाएगा कैशबैक! जानें किन-किन लोगों को होगा फायदा

अपने दार्शनिक अंदाज में प्रतिद्वंद्वियों पर कटाक्ष करते हुए, क्रिकेटर से राजनेता बने सिद्धू ने कहा, “सरकारें तमाम उम्र यही भूल करती रहीं, धूल उनके चेहरे पर थी, और आईना साफ करती रहीं.”

दिलचस्प बात यह है कि अपनी ही कांग्रेस सरकार से नाराज चल रहे सिद्धू ने आखिरी बार 25 सितंबर, 2019 को ट्विटर का इस्तेमाल यह घोषणा करने के लिए किया था कि उन्होंने अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल से बतौर कैबिनेट मंत्री इस्तीफा देने के बाद अपने आधिकारिक बंगले को खाली कर दिया है.

पंजाब से ताल्लुक रखने वाली हरसिमरत कौर बादल ने कृषि बाजारों को उदार बनाने के लिए लाए गए एक नए कानून के विरोध में गुरुवार को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया.

हरसिमरत कौर बादल ने ट्वीट कर कहा था, “मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और विधेयकों के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है. किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने पर गर्व है.”