Farmers Protest: कृषि कानूनों के विरोध में किसानों द्वारा दिल्ली की सीमाओं पर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने आज यानी 1 दिसंबर को किसान यूनियन की बैठक बुलाई है. कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने 1 दिसंबर को दोपहर 3 बजे विज्ञान भवन में किसान यूनियन की बैठक बुलाई है. Also Read - Kisan Andolan: कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति की पहली बैठक कल

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, “जब फार्म कानून लाए गए, तो उन्होंने किसानों के बीच कुछ गलतफहमी पैदा की. हमने किसान नेताओं के साथ वार्ता के दो दौर आयोजित किए- अक्टूबर 14 और नवंबर 13. उस समय भी हमने उनसे आग्रह किया था कि वे आंदोलन के लिए न जाएं और सरकार वार्ता के लिए तैयार है.” Also Read - ट्रैक्टर रैली को लेकर बहस पर किसानों ने कहा- रैली निकालना हमारा अधिकार, हज़ारों लोग इसमें शामिल होंगे

उन्होंने कहा, “यह निर्णय लिया गया कि अगले दौर की वार्ता 3 दिसंबर को आयोजित की जाएगी, लेकिन किसान आंदोलन कर रहे हैं, यह सर्दियों का मौसम है और COVID फैला हुआ है. इसलिए बैठक पहले होनी चाहिए. पहले दौर की बातचीत में उपस्थित किसान नेताओं को विज्ञान भवन में 1 दिसंबर को दोपहर 3 बजे आमंत्रित किया गया है.” Also Read - बीजेपी में जाने पर भी खटपट! ज्योतिरादित्य सिंधिया की इस बड़े BJP नेता से बढ़ रही हैं दूरियां, सियासी घमासान के आसार

बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार ने 3 दिसंबर को बैठक की तारीख तय की थी जिसे किसानों ने ठुकरा दिया था. किसानों का कहना था कि जल्द से जल्द उनके मुद्दों के लेकर बात की जाए. किसानों के प्रदर्शन के बढ़ते आकार को देखते हुए सोमवार रात कृषि मंत्री ने बताया कि मंगलवार को किसान यूनियन के साथ बात करेंगे.

कृषि मंत्री का ये फैसला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घर हुई बैठक के एक दिन बाद आया है. रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वरिष्ठ नेताओं के साथ इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करने के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की थी. इसके अलावा शाह के आवास पर सोमवार सुबह बैठक हुई जिसमें केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता भी मौजूद रहे.

इस बैठक से एक दिन पहले ही किसानों ने बुराड़ी के मैदान में जाने से मना कर दिया था. सरकार ने कहा था कि वह बातचीत के लिए तैयार है, मगर साथ ही किसानों से अपील भी की थी कि वह उत्तर-पश्चिम दिल्ली के बुराड़ी मैदान चले जाएं.

बैठक से दो दिन पहले ही गृह मंत्री ने यह घोषणा की थी. उन्होंने कहा था, “अगर किसान यूनियन तीन दिसंबर से पहले चर्चा करना चाहते हैं, तो मैं आप सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जैसे ही आप अपना विरोध निर्धारित स्थान पर स्थानांतरित करेंगे तो अगले ही दिन आपकी चिंताओं को दूर करने के लिए हमारी सरकार आपके साथ बातचीत करेगी.”