केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने ‘एकीकृत बागवानी विकास मिशन’ सामान्य परिषद (MIDH) की बैठक में कहा कि खेती में नई कार्यशैली विकसित होने से किसानों में उत्साह का माहौल है. कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि देश में खाद्यान्न व बागवानी क्षेत्र में हुई प्रगति प्रशंसनीय है, लेकिन साथ ही वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर इन क्षेत्रों में तेजी से विकास के लिए कम समय में छलांग लगाने की जरूरत है. प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर देश में खेती-किसानी के क्षेत्र में नई कार्यशैली विकसित हुई है, जिससे किसानों में उत्साह का माहौल है. हमारा खाद्यान्न भंडार इतना समृद्ध है कि घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ ही दुनिया को भी पूर्ति की जा रही है.Also Read - Pariksha Pe Charcha 2022: परीक्षा पे चर्चा के लिये रजिस्‍ट्रेशन की आज आखिरी तारीख, जल्‍दी करें

कृषि मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान सरकार द्वारा 80 करोड़ लोगों को 19 महीने तक मुफ्त खाद्यान्न दिया जाना देश व कृषि क्षेत्र की बड़ी ताकत को दर्शाता है. तोमर ने कहा कि कृषि क्षेत्र हमारे देश में महत्वपूर्ण है, जिसने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपनी प्रासंगकिता साबित की है. सरकार की किसान हितैषी नीतियों, किसानों की अथक मेहनत व वैज्ञानिकों के कुशल अनुसंधान के कारण कृषि क्षेत्र की तरक्की हो रही है. यह ग्रोथ और बढ़े, निर्यात व रोजगार में वृद्धि हो, यह बड़ी जिम्मेदारी बागवानी क्षेत्र की है. Also Read - Republic Parade 2022: उत्तराखंड की टोपी और मणिपुरी स्टोल में नजर आए PM मोदी, निकाले जा रहे हैं सियासी मायने

तोमर ने औषधीय खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिए जागरूकता लाई जाए, क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए तथा किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएं, इससे उनकी आमदनी काफी बढ़ सकेगी. इसी तरह, जैविक खेती का विस्तार भी संभव है, जिसके लिए प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था सरकार कर रही है, जिसमें सभी का सहयोग जरूरी है. सरकार द्वारा 10 हजार नए एफपीओ बनाने का काम किया जा रहा है, जिससे किसानों को लाभ होगा. बैठक में अन्य केंद्रीय मंत्रियों तथा सभी शासकीय एवं अशासकीय सदस्यों ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव बताए. Also Read - 73rd Republic Day: PM मोदी ने नेशनल मेमोरियल वॉर पहुंचकर शहीदों को किया नमन

बैठक में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री नारायण राणे, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह, संस्कृति, पर्यटन एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री जी किशन रेड्डी, कार्मिक, जनशिकायत व पेंशन तथा परमाणु ऊर्जा व अंतरिक्ष मंत्री जितेंद्र सिंह, कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, नीति आयोग के सदस्य डॉ. रमेश चंद, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्र तथा अशासकीय सदस्य भी उपस्थित थे. बैठक की शुरुआत में MIDH के प्रबंध निदेशक व संयुक्त सचिव राजबीर सिंह ने प्रेजेन्टेशन दिया और पूरे कार्यक्रम का संचालन किया.