नई दिल्लीः दिल्ली उच्च न्यायालय ने अगस्तावेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाला मामले के संबंध में गिरफ्तार कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उसने तिहाड़ जेल में कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा होने के आधार पर अंतरिम जमानत का अनुरोध किया था. Also Read - अगस्त-सितंबर में टीम इंडिया का कैंप लगाने के बारे में सोच रही है बीसीसीआई

न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करते हुए कहा कि मिशेल की ये आशंकाएं निराधार हैं कि उसकी अधिक आयु और जेल में अत्यधिक कैदी होने के कारण उसे कोविड-19 संक्रमण का खतरा है. जांच एजेंसियों सीबीआई और ईडी ने इस अंतरिम जमानत याचिका का विरोध किया था. Also Read - अमेरिका के बायोटेक कंपनी का दावा, कोरोना के मरीजों पर असरदार हो रहा है यह दवा

59 वर्षीय मिशेल ने दावा किया था कि उसका स्वास्थ्य दुरुस्त नहीं है और वह कोविड-19 संक्रमण के खतरे से निपटने में सक्षम नहीं है. उसने कहा था कि यदि वह संक्रमित हो जाता है तो यह उसके लिए घातक हो सकता है क्योंकि वह पहले से ही गंभीर बीमारियों से पीड़ित है. Also Read - WHO ने भी माना- कोरोना वायरस की जानकारी देने में चीन ने की देरी, दस्तावेजों में हुआ खुलासा

इस हेलीकाप्टर सौदे के सिलसिले में क्रिश्चियन मिशेल को प्रवर्तन निदेशालय ने 22 दिसंबर, 2018 को गिरफ्तार किया था. वीवीआईपी हेलीकाप्टर सौदे के सिलसिले में गिरफ्तार कथित बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल के खिलाफ सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने मामले दर्ज किए हैं.