नई दिल्लीः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कथित रूप से उच्च लागत पर रैपिड एंटीबॉडी टेस्टिंग किट खरीदने पर केंद्र सरकार से सवाल किया है. पटेल ने ट्वीट कर कहा, “दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में प्रासंगिक सवाल उठाया कि आईसीएमआर एंटीबॉडी टेस्ट किट 600 रुपये प्रति पीस क्यों खरीद रहा था, जिसे 245 रुपये में आयात किया गया था?” Also Read - दिल्ली में 22000 के पार पहुंचे कोरोना वायरस के मामले, अब तक 556 की मौत

कांग्रेस नेता ने कहा कि महामारी के बीच में, किसी को भी गरीबों की कीमत पर लाभ नहीं कमाना चाहिए. आशा है कि सरकार इसे स्पष्ट करेगी. न्यायमूर्ति नजमी वजीरी की पीठ के समक्ष मामला उठाए जाने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने कोविड-19 परीक्षण किट की अधिकतम बिक्री कीमत पर लगाम लगाया जो मैट्रिक्स लैब्स द्वारा आयात किए गए थे. Also Read - Covid-19: सीएम केजरीवाल ने लॉन्च किया मोबाइल ऐप, अब एक क्लिक में पाएं अस्पतालों की जानकारी

अदालत ने कहा कि लोगों को आश्वस्त करने के लिए कि महामारी नियंत्रण में है और सरकारों को लोगों की सेहत की सुरक्षा और कोरोना के खिलाफ फ्रंटलाइन में लगी एजेंसियों के लिए अधिक किट/परीक्षण न्यूनतम लागत पर तत्काल उपलब्ध कराया जाना चाहिए. अब एक वरिष्ठ विपक्षी नेता ने अधिक कीमत पर खरीद पर सवाल उठाया, जिसके बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है.

आपको बता दें कि रैपिड जांच किट से कोरोना टेस्ट को लेकर कई राज्यों ने असहमति जताई है. राज्यों ने कहा कि किट ठीक प्रकार से काम नहीं कर रही और कई जगहों से इसके परीक्षण को लेकर भी डॉक्टर्स के मन में अनिश्चितता थी. इसके बाद केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पूरे देश में रैपिड टेस्ट किट से टेस्ट पर रोक लगा दी गई है. हालांकि सरकार का यह भी कहना है कि भारत में हालात काबू पर है और सामुदायिक संक्रमण का खतरा नहीं है इसलिए रैपिड टेस्ट की आवश्यकता नहीं है.