अहमदाबाद। पिछले कई दिनों से अनशन पर बैठे गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की हालत बिगड़ गई है. तबियत बिगड़ने के बाद हार्दिक को अस्पताल ले जाया गया है. हार्दिक पटेल पाटीदानों को आरक्षण की मांग को लेकर पिछले 13 दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं. उनकी मुहिम को विपक्षी दलों का साथ मिल रहा है लेकिन सरकार के किसी प्रतिनिधि ने उनसे मुलाकात नहीं की है. बीजेपी के बागी नेता भी उनसे मिल चुके है.

आरक्षण की मांग कर रहे हैं हार्दिक

हार्दिक पटेल पाटीदार समुदाय के लोगों को शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण देने और किसानों की कर्जमाफी की मांग कर रहे हैं. हार्दिक ने कहा था कि उन्होंने भोजन और पानी लेना बंद कर दिया है लेकिन वह महात्मा गांधी के मार्ग पर चलते हुए तब तक लड़ाई जारी रखेंगे जब तक उन्हें विजय प्राप्त नहीं हो जाती.

हार्दिक पटेल के साथ आए भाजपा से नाराज यशवंत और शत्रुघ्‍न सिन्‍हा

हार्दिक से मिलने विपक्ष के कई नेता पहुंचे थे. कांग्रेस नेता कानू कलसारिया, राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोधवाड़िया और विधायक विक्रम मदाम सहित गुजरात कांग्रेस के कई नेता उनका हालचाल ले चुके हैं. इसके अलावा बीजेपी नेता शत्रुघ्न सिन्हा, यशवंत सिन्हा भी उनसे मुलाकात करने अहमदाबाद पहुंचे थे.

वसीयत का कर चुके ऐलान

अनशन पर बैठे हार्दिक ने नवें दिन अपनी वसीयत का भी ऐलान किया था. एक पाटीदार नेता ने बताया था कि हार्दिक पटेल ने अपने माता-पिता, एक बहन, 2015 में कोटा आंदोलन के दौरान मारे गए 14 युवाओं के परिजनों के बीच अपनी संपत्ति बांटी है. इसके अलावा उन्होंने अपनी आंखें भी दान करने की इच्छा जताई है.